हरियाणा में 5 लाख तक मुफ्त इलाज वाले चिरायु कार्ड बनाने के लिए लोगों से पैसे मांगे जा रहे हैं। ऐसी कई शिकायतें CM मनोहर लाल तक पहुंच रही हैं। सीएम ने इस पर नाराजगी जताई है और अधिकारियों से इस मामले में सख्त कार्रवाई की बात कही है। साथ ही राज्य भर में गांव स्तर पर लोगों की मदद के लिए कॉल सेंटर बनाने के निर्देश दिए हैं।

सीएम ने कहा है कि चिरायु योजना का रजिस्ट्रेशन करने व स्वास्थ्य कार्ड निशुल्क बनाए जा रहे हैं। सरकार द्वारा इसके लिए कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा है। इस स्कीम से हरियाणा के करीब 28 लाख परिवारों को मुफ्त इलाज मिलेगा।

हरियाणा के अंत्योदय परिवारों के एक करोड़ 60 लाख से अधिक व्यक्तियों का स्वास्थ्य सर्वे किया जाएगा। साथ ही प्रदेश में चलाई जा रही ई-उपचार योजना के तहत 1.8 करोड़ लोगों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं का डेटा उपलब्ध है। ऐसे सभी लोगों का स्वास्थ्य डेटा एकत्र करने के लिए ई-उपचार का यूनिवर्सल पोर्टल बनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को हिदायत दी है कि चिरायु हरियाणा योजना के कार्ड तेज गति से बनाने का कार्य किया जाए ताकि जल्द से जल्द लोगों को योजना का लाभ मिलना शुरू हो जाए। उन्होंने कहा कि 5 दिसंबर को इस योजना के 10 लाख कार्ड गांव व वार्ड स्तर पर बांटना सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना को सुचारू ढंग से चलाने के लिए बेहतरीन TPA (थर्ड पार्टी एडमिनिस्ट्रेटर) की नियुक्ति की जाए ताकि वह समय समय पर स्वास्थ्य सेवाओं का मूल्यांकन कर सरकार को वास्तविक रिपोर्ट दे। इसके लिए आगामी सप्ताह में टीपीए नियुक्ति बैठक आयोजित की जाए।

गोल्डन कार्ड के जरिए हरियाणा के लोगों को 1,290 सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों में इलाज मिल सकेगा। योजना के तहत करीब 715 सरकारी अस्पतालों और 575 निजी अस्पतालों को सूचीबद्ध किया गया है। साथ ही कैंसर, हार्ट अटैक जैसी गंभीर बीमारियों के साथ ही 1,500 के करीब दूसरी बीमारियों को इसमें कवर किया गया है।

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