हरियाणा के हर जिले से अब हरियाणा और आस-पास के प्रदेशों के तीर्थ व दार्शनिक स्थलों के लिए एसी बसें चलेंगी। इनमें प्रमुख रूप से ज्वालाजी, ऋषिकेश, हरिद्वार, बद्रीनाथ, अमृतसर, वैष्णो देवी, सालासर, मथुरा, मेहंदीपुर बालाजी, आगरा, वृंदावन, अयोध्या, जयपुर, शिमला, मनाली आदि शामिल हैं।

इन बसों में सामान्य बसों से डेढ़ गुना किराया लेने का प्रपोजल रोडवेज ने बनाया है, हालांकि टिकट की राशि का अंतिम निर्णय सरकार को लेना है। हरियाणा रोडवेज के निदेशक वीएस दहिया के अनुसार, हरियाणा रोडवेज को जनवरी में 150 एसी बसें मिलेंगी। यह बसें जनवरी से मार्च के दौरान हरियाणा की सड़कों पर होंगी। 54 सीटर बसों में से बड़े डिपाे का 10-10 मिलेंगी, जबकि अन्य डिपाे को कम बसें मिलेंगी। इन बसों का आवागमन देहात से लेकर वादियों तक होगा।

हरियाणा रोडवेज अब 152-डी ग्रीन एक्सप्रेस-वे पर एसी बसें चलाएगा। इसके लिए योजना बनाई जा रही है। अब तक इस रूट पर 4 बसों का सफलतापूर्वक संचालन हो रहा है, लेकिन रोडवेज की योजना है कि यहां 5 एसी बसें भी चलाई जाएं। ये बसें चंडीगढ़ या अम्बाला से नारनौल तक चलेंगी। काबिलेगौर है कि 152-डी ग्रीन एक्सप्रेस वे पर अम्बाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, जींद, रोहतक, भिवानी, नारनौल, झज्जर सहित अन्य प्रमुख जिले लगते हैं। जो 4 बसें फिलहाल चल रही हैं, वे फुल कैपेसिटी से चलाई जा रही हैं। यात्रियों की संख्या को देखते हुए ही रोडवेज ने निर्णय लिया है कि यहां एसी बसें चलाई जाएंगी।

हरियाणा रोडवेज के बेड़े में फिलहाल 3200 बसें हैं, इनमें मई-2023 तक करीब 2000 बसें और जुड़ जाएंगी। जबकि कुछ बसें समय सीमा खत्म होने पर रोड से हट जाएंगी। ऐसे में मई 2023 तक रोडवेज का बेड़ा करीब 4400 का होगा। अभी रोडवेज के बेड़े में बसों की कमी है, इसे जल्द ही दूर करने का दावा किया गया है।

हरियाणा रोडवेज का फोकस प्रमुख रूप से सिरसा-दिल्ली, चंडीगढ़-दिल्ली और नारनौल-दिल्ली रूट पर एसी बसें चलाने पर रहेगा। इसके अलावा प्रदेश के हर शहर से ये बसें दिल्ली और चंडीगढ़ का सफर रोजाना तय करेंगी। चंडीगढ़ से नारनौल 152-डी ग्रीन एक्सप्रेस वे पर भी इन बसों का संचालन होगा। दिल्ली से चंडीगढ़ रूट पर भी एसी बसें ही चलेंगी, यानी यात्रियों को इस रूट पर पहले की अपेक्षा ज्यादा बसें उपलब्ध हो सकेंगी।

हरियाणा में जल्द ही 550 इलेक्ट्रिक बसें भी आनी हैं, इनका टेंडर दिसंबर के प्रथम सप्ताह में होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार, 6 कंपनियां टेंडर के लिए आई हैं, लेकिन टेंडर दिसंबर के प्रथम सप्ताह में हो सकता है। हरियाणा में इलेक्ट्रिक बसें आने से काफी हद तक बसों की समस्या खत्म हो जाएगी। इन बसों का संचालन एनसीआर सहित अन्य जिलों में होना है।

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