पुणे मंगेतर मर्डर केस में नया खुलासा हुआ है। पुलिस जांच के अनुसार, 31 मई को सिया और उसके मंगेतर केतन लोहगढ़ किले गए थे। वहां एक खतरनाक स्थान पर बैठे केतन को देखकर सिया के मन में उसे मारने का विचार आया।
जांच में यह भी सामने आया है कि 14 जून को केतन को खाई में धक्का देने की कोशिश की गई थी। उस दौरान सिया ने सांप दिखने का बहाना बनाकर घटना को हादसा साबित करने की कोशिश की, लेकिन केतन बच निकला।
पुलिस के मुताबिक, इसके बाद सिया ने अपने प्रेमी चेतन से एक कैफे में मुलाकात की, जहां दोनों ने लोहगढ़ किले पर केतन की हत्या की साजिश पर चर्चा की। उन्होंने उस जगह की भी पहचान कर ली थी, जहां से केतन को खाई में धक्का देना था। यदि यह योजना नाकाम हो जाती, तो 20 जून के बाद सड़क दुर्घटना का रूप देकर हत्या करने का बैकअप प्लान भी तैयार रखा गया था।

लोहगढ़ किले पर सूझा हत्या का प्लान: 11 फरवरी को सगाई के बाद केतन अक्सर सिया को अपने साथ घूमने ले जाता था। ट्रैकिंग का शौकीन केतन एक बार सिया को लोहगढ़ किले भी लेकर गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब दोनों किले की सबसे ऊंची चोटी पर पहुंचे, तभी सिया के मन में पहली बार केतन को पहाड़ी से धक्का देकर रास्ते से हटाने का विचार आया। यहीं से कथित हत्या की साजिश की शुरुआत हुई।
बाली ट्रिप टालने के लिए छिपाया पासपोर्ट: पुलिस के अनुसार, सिया ने 4 जून को केतन से दोबारा लोहगढ़ किला जाने की जिद की थी, लेकिन केतन के परिवार ने इसकी अनुमति नहीं दी। 6 जून को केतन, उसकी बहन, एक दोस्त और सिया की इंडोनेशिया के बाली जाने की टिकटें बुक थीं। सभी लोग फ्लाइट के लिए रवाना भी हो गए थे। पुणे ग्रामीण के एसपी संदीप सिंह गिल के मुताबिक, केतन के साथ बाली जाने से बचने के लिए सिया ने उसका पासपोर्ट अपने पास अलग रख लिया था, जिससे वह यात्रा पर नहीं जा सके।
दोबारा किले पर ले जाने की बनाई योजना: पुलिस के मुताबिक, सिया ने केतन से फिर लोहगढ़ किले जाने की बात कही और कहा कि उसे वह जगह पसंद है। 14 जून को दोनों किले पर पहुंचे। जांच के अनुसार, वहां सिया ने कथित तौर पर केतन को पीछे से धक्का दिया, लेकिन पेड़ का सहारा मिलने से केतन गिरने से बच गया।
जब केतन ने धक्का देने की वजह पूछी, तो सिया ने कथित तौर पर कहा कि वहां सांप था और उसे बचाने के लिए उसने ऐसा किया। घर लौटने के बाद केतन ने परिवार को घटना के बारे में बताया और कहा कि सिया की वजह से उसकी जान बच गई।
जन्मदिन से पहले रची गई साजिश: 19 जून को सिया का जन्मदिन मनाने के लिए केतन ने महाबलेश्वर में एक लग्जरी रिजॉर्ट बुक किया था। पुलिस के मुताबिक, इससे पहले सिया ने प्री-वेडिंग फोटोशूट का बहाना बनाकर केतन को दोबारा लोहगढ़ किले चलने के लिए राजी किया। इस बार कथित तौर पर चेतन भी उनके साथ था।
जांच के अनुसार, किले पर एक जगह जब केतन पहाड़ियों की ओर देख रहा था, तभी दोनों ने कथित रूप से उसे पीछे से धक्का दे दिया।
सिया के जवाबों से बढ़ा परिवार का शक: मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 21 जून को सिया केतन के घर पहुंची। वहां केतन की बहन ने उससे पूछा कि केतन कैसे गिरा। इस सवाल पर सिया के व्यवहार में बदलाव नजर आया और वह ठीक से जवाब नहीं दे पाई।
इसके बाद केतन की बहन को शक हुआ। उसने पिता विशाल अग्रवाल से कहा कि केतन एक अच्छा ट्रैकर था, इसलिए उसकी मौत को सिर्फ हादसा मानना मुश्किल है। उसने यह भी बताया कि सिया घटना को लेकर स्पष्ट जवाब नहीं दे रही है।
परिवार को पहले से ही कुछ गड़बड़ी का शक था। इसके बाद विशाल अग्रवाल दोबारा पुणे पुलिस के पास पहुंचे और सिया पर शक जताया। उन्होंने पुलिस से यह भी कहा कि सिया किसी युवक से बात करती थी और इस पहलू की भी जांच की जानी चाहिए।

पुलिस ने लोहगढ़ किले के सीसीटीवी फुटेज निकाले। इनमें 18 जून को एक शख्स वहां पहुंचे केतन और सिया के आसपास कई बार दिखा।
गर्मी का मौसम, ऊपर से किले की चढ़ाई, उसके बावजूद किले की सीढ़ियों के फुटेज में दिखा कि वो हुडी पहने था। पुलिस के मुताबिक, लड़का अपना चेहरा छिपाने की कोशिश कर रहा था।
पुलिस ने सिया के कॉल-रिकॉर्ड खंगाले। इनमें एक मोबाइल नंबर पर जनवरी से केतन की हत्या वाले दिन सुबह 7 बजे तक सिया ने 2004 कॉल में करीब 338 घंटे की बातचीत की थी यानी दोनों रोज करीब 11 कॉल्स में 2 घंटे बात करते थे।
ये नंबर पुणे के ही एक और व्यापारी परिवार के लड़के चेतन चौधरी का था। चेतन का घर पुणे के उसी इलाके में था, जहां सिया के पिता का ऑफिस है।


