रोहतक-हांसी मार्ग पर चल रही सहकारी समिति की बसों के पहिए शुक्रवार को थमे रहे। जिस कारण यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। प्राइवेट बस संचालकों की मांग है कि उन्हें निश्चित समय दिया जाए। ताकि वह स्टैंड पर पूरी 9 मिनट बस लगाएं और सवारियां भर पाएं। उन्हें निश्चित समय नहीं दिया जा रहा। जिसके कारण रोहतक-हांसी रूट की बसों के संचालकों ने हड़ताल का निर्णय लिया।

शुक्रवार को बस स्टैंड पर एकत्रित होकर संचालकों ने रोडवेज प्रशासन के खिलाफ भी नारेबाजी की। वहीं आरटीओ को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। मुकेश कुमार, नरेंद्र, सतीश, अंकित, सुमित समेत अन्य ने कहा कि शुक्रवार सुबह स्टैंड पर समिति की बस तक नहीं लगाने दी गई। जिस कारण मजबूरन उन्होंने हड़ताल का निर्णय लिया।

बसों के संचालकों ने कहा कि रोहतक-हांसी मार्ग पर कुल 21 प्राइवेट बसें चलती हैं। जो सभी चार-चार चक्कर लगाती हैं। जिस कारण उनके कुल 84 चक्कर बनते हैं। जिससे साफ है कि हर रोज सैकड़ों सवारियां इन बसों में सफर करती हैं, लेकिन हड़ताल के कारण रोडवेज बस में सवारियों का बोझ बढ़ा रहा।

परिवहन प्राधिकरण के प्रादेशिक सचिव के नाम सौंपे ज्ञापन में कहा कि एएसटीसी ने 24 जून को पत्र जारी किया था। जिसके अनुसार रोडवेज जीएम को जॉइंट समय सारिणी पर बसों के संचालन के लिए लिखा गया था, लेकिन रोडवेज जीएम द्वारा पत्र की अनदेखी की गई। जिसके कारण सहकारी परिवहन समिति के सदस्यों ने शुक्रवार को रोष प्रदर्शन किया। उन्होंने मांग की कि जब सहकारी समिति की बस का समय हो तो उसके साथ-साथ रोडवेज की बस ना चलाई जाए।

उन्होंने कहा कि शुक्रवार सुबह रोहतक-हांसी मार्ग पर चल रही समिति की बस का समय सुबह 10 बजकर 1 मिनट से 10 बजकर 10 मिनट था। इसी दौरान रोडवेज कर्मचारियों ने समिति की बस के आगे रोडवेज बस लगाकर सवारियां उतार ली। साथ ही स्टाफ को भी धमकी दी कि बस को रूट पर नहीं जाने देंगे। समिति की बस को जबरन खड़ा करवा लिया गया।

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