देशभर से पहाड़ों की वादियों में घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए हिमाचल प्रदेश पुलिस ने एक बेहद जरूरी सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। कई टूरिस्ट पुलिस के बार-बार समझाने और किनारे पर लगे साइन बोर्ड की चेतावनी को पूरी तरह इग्नोर कर सेल्फी और रील्स के चक्कर में सीधे उफनती नदियों में उतर रहे हैं। मानसून के सीजन में नदियों के बढ़ते जलस्तर और अचानक आने वाले खतरे को देखते हुए प्रशासन ने अब ऐसे लापरवाह टूरिस्टों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
इसी कड़ी में मनाली पुलिस ने ब्यास नदी के किनारे चेतावनी को नजरअंदाज करने वाले 12 टूरिस्टों के एक-एक हजार रुपये के चालान काटे हैं। पुलिस के अनुसार, नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले इन टूरिस्टों में से ज्यादातर पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के रहने वाले हैं।
पिछले करीब एक सप्ताह से सोशल मीडिया पर निरंतर ऐसे वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें पर्यटक ब्यास और अन्य पहाड़ी नदियों के बीच पत्थरों पर बैठकर जानलेवा स्टंट या फोटोग्राफी करते दिख रहे हैं। ऐसी लापरवाही कितनी खतरनाक हो सकती है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीते सप्ताह मणिकर्ण में पंजाब के एक ही परिवार के तीन लोग नदी के तेज बहाव की चपेट में आकर बह गए थे। हालांकि, गनीमत यह रही कि वहां मौजूद स्थानीय लोगों ने मुस्तैदी दिखाते हुए अपनी जान पर खेलकर तीनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था।
पहाड़ों में मानसून की दस्तक के साथ ही कई बांधों (Dams) से समय-समय पर पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे मैदानी इलाकों की तुलना में पहाड़ों में नदी का जलस्तर अचानक कई गुना बढ़ जाता है। इस गंभीर खतरे को भांपते हुए डीसी कुल्लू ने पुलिस और स्थानीय प्रशासन को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि किसी भी पर्यटक को नदी के नजदीक न जाने दिया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की अनहोनी या जानमाल के नुकसान को रोका जा सके।
मनाली पुलिस के मुताबिक, कई बार पर्यटक नेशनल हाईवे या सड़क किनारे बने चोर रास्तों से होकर सीधे ब्यास नदी के पानी तक पहुंच जाते हैं। पहाड़ी क्षेत्रों में नदियों का बहाव ऊपर से भले ही सामान्य दिखाई दे, लेकिन अंदरूनी करंट काफी तेज होता है। ऊपरी क्षेत्रों में भारी बारिश होने से पानी अचानक बढ़ता है और संभलने का मौका भी नहीं मिलता।
- 2014 का थलोट हादसा: वर्ष 2014 में मंडी जिले के थलोट में लारजी जल विद्युत परियोजना से अचानक पानी छोड़े जाने के कारण ब्यास नदी में हैदराबाद के 24 इंजीनियरिंग छात्रों की बहने से दर्दनाक मौत हो गई थी।
- रास्ते बंद करने की तैयारी: मनाली पुलिस ने अब बीआरओ (BRO) और एनएचएआई (NHAI) से आधिकारिक तौर पर आग्रह किया है कि नेशनल हाईवे से नदी की ओर जाने वाले सभी अनधिकृत रास्तों को हमेशा के लिए ब्लॉक किया जाए। साथ ही खतरनाक जगहों पर फेंसिंग (लोहे की जाली) और बड़े चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं।
मामले की जानकारी देते हुए एसपी कुल्लू मदन लाल ने बताया कि पुलिस टीम लगातार लाउडस्पीकर और पेट्रोलिंग के जरिए टूरिस्टों को नदी किनारे न जाने को लेकर जागरूक कर रही है। पुलिस के जवान दिन-रात नदी तटों पर गश्त कर रहे हैं। इसके बावजूद जो लोग जानबूझकर नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं, उनके खिलाफ चालान की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों से भावुक अपील की है कि पहाड़ों के खूबसूरत नजारों का आनंद दूर से लें, केवल एक सेल्फी या वीडियो के लिए अपनी और अपने परिवार की जिंदगी को दांव पर न लगाएं।

