कुरुक्षेत्र में एक दर्दनाक घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया। यहां 3 साल की मासूम अद्विका के साथ दंपती जतिंद्र उर्फ जतिन (30) और मंजू उर्फ युक्ता (28) ने आत्महत्या कर ली। पुलिस जांच में सामने आया है कि दंपती ने पहले से ही सुसाइड का दिन तय कर रखा था और करीब 18-20 पेज का सुसाइड नोट भी लिखा था।
जतिंद्र ने सुसाइड नोट में अपने भाई, जीजा और डिपार्टमेंट के लिए अलग-अलग मैसेज छोड़े थे। उसने कई पन्नों पर फ्लैग लगाकर खास संदेश भी लिखे थे। परिवार को जब यह मैसेज मिला, तब तक तीनों की मौत हो चुकी थी।
बेटी की बीमारी बनी वजह
पुलिस के अनुसार, दंपती अपनी इकलौती बेटी अद्विका की गंभीर बीमारी को लेकर काफी परेशान थे। परिजनों के मुताबिक, जन्म के करीब 6 महीने बाद ही पता चला कि अद्विका सामान्य बच्चों की तरह एक्टिव नहीं है। इलाज के दौरान उसके ब्रेन में पानी (फ्लूइड) होने की बात सामने आई और उसे दौरे भी पड़ते थे।
इलाज के लिए परिवार उसे दिल्ली, अमृतसर और चंडीगढ़ तक ले गया, लेकिन कोई खास सुधार नहीं हुआ। इसी कारण दंपती मानसिक रूप से टूट चुके थे।
पहले बेटी, फिर खुद दी जान
फॉरेंसिक एक्सपर्ट के अनुसार, पहले दंपती ने अपनी बेटी को फांसी लगाई, इसके बाद पिता और फिर मां ने आत्महत्या की। इस तरह के मामले को “डाइडिक सुसाइड” कहा जाता है, जिसमें व्यक्ति अपने साथ परिवार को भी मौत की ओर ले जाता है।
सुसाइड नोट में भावुक संदेश
सुसाइड नोट में जतिंद्र ने अपने भाई को प्रॉपर्टी, पेंशन और इंश्योरेंस से जुड़ी जानकारी दी। उसने लिखा कि घर अभी न बेचा जाए और परिवार का ध्यान रखा जाए।
एक भावुक संदेश में उसने लिखा कि हाल ही में खरीदी गई थार गाड़ी पर लगी बेटी अद्विका की तस्वीर को संभाल कर रखा जाए और उसकी यादें न मिटाई जाएं।
डिपार्टमेंट के लिए भी उसने लिखा कि वह आगे काम करना चाहता था, लेकिन पारिवारिक हालात ने उसे मजबूर कर दिया। साथ ही अपने भाई की मदद करने की अपील की।
जीजा को भेजा शेड्यूल मैसेज
सुसाइड से पहले जतिंद्र ने अपने जीजा अमित को सुबह 5:30 बजे का शेड्यूल मैसेज भेजा, जिसमें लिखा था कि वे रात को आत्महत्या करने जा रहे हैं। साथ ही मां को संभालने और घर पहुंचने की अपील की गई थी।
मैसेज देखने के बाद जीजा तुरंत घर पहुंचे, जहां पहली मंजिल के कमरे में तीनों के शव फंदे से लटके मिले।
पुलिस जांच में खुलासे
थाना कृष्णा गेट पुलिस के अनुसार, सुसाइड से पहले कमरे में पंखा उतार दिया गया था और छत में लगे हुक के सहारे फांसी लगाई गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, मौत रात 12 से 2 बजे के बीच हुई।
गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार
पोस्टमॉर्टम के बाद तीनों के शव परिजनों को सौंप दिए गए। सेक्टर-5 स्थित स्वर्ग धाम में मां और बेटी का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया, जबकि जतिंद्र का अंतिम संस्कार अलग चिता पर हुआ।
इस हृदयविदारक घटना ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है और हर आंख नम है।
