हरियाणा के पंचकूला में नगर निगम चुनाव को लेकर कांग्रेस ने मेयर पद के उम्मीदवार के साथ 17 पार्षदों की सूची जारी कर दी है। कुल 20 वार्डों में से 3 वार्डों के टिकट फिलहाल होल्ड पर रखे गए हैं, जिनकी घोषणा देर शाम तक होने की संभावना है। दूसरी ओर, भाजपा ने भी अपने पार्षद उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है और 5 मौजूदा पार्षदों के टिकट काटकर सियासी समीकरण बदल दिए हैं।
कांग्रेस में टिकट वितरण को लेकर पंचकूला के विधायक चंद्रमोहन को पूरी छूट दी गई थी, जिसका असर प्रत्याशियों की सूची में साफ दिखाई दिया। 17 में से 13 उम्मीदवार उनकी पसंद के बताए जा रहे हैं। इसके अलावा जिला संगठन की सिफारिश पर एक और सांसद वरुण चौधरी व दीपेंद्र सिंह हुड्डा के एक-एक समर्थक को टिकट मिला है।
सूची जारी होने के बाद पार्टी में खुलकर बगावत तो सामने नहीं आई, लेकिन अंदरखाने असंतोष की चर्चाएं तेज हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ पंजाबी नेता रविंद्र रावल का परिवार चुनाव से दूर हो गया है। उनके भाई नरेश रावल, जो दो बार पार्षद रह चुके हैं, ने टिकट मिलने की चर्चाओं के बीच चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया।
जातीय समीकरण पर उठे सवाल
कांग्रेस की सूची में जाट समुदाय को एक भी टिकट नहीं दिया गया, जबकि करीब 40 हजार वोटरों वाले वैश्य समाज को सिर्फ एक सीट मिली है। पार्टी ने पंजाबी, ब्राह्मण, सैनी, एससी, गुर्जर, मुस्लिम और अन्य समुदायों को प्रतिनिधित्व दिया है, लेकिन जाटों की अनदेखी चर्चा का विषय बनी हुई है।
इन पार्षदों के टिकट कटे, कुछ को दोबारा मौका
कांग्रेस ने 4 मौजूदा पार्षदों के टिकट काट दिए हैं, जबकि 4 को दोबारा मौका दिया गया है। पंकज, ऊषा रानी, सरस्वती देवी और अक्षयदीप चौधरी को फिर से टिकट मिला है, जबकि सलीम, संदीप सोही, गुरमेल कौर और परमजीत कौर का टिकट कट गया है।
सुधा भारद्वाज ने शुरू किया प्रचार
मेयर प्रत्याशी सुधा भारद्वाज ने अपना चुनाव कार्यालय खोलकर प्रचार अभियान शुरू कर दिया है। कार्यालय का उद्घाटन विधायक चंद्रमोहन ने किया, हालांकि कार्यक्रम में अपेक्षित भीड़ नहीं जुट सकी और जिला अध्यक्ष भी नदारद रहे।
सुधा भारद्वाज अपने पति संजीव भारद्वाज के साथ रविंद्र रावल के घर भी पहुंचीं और उन्हें मनाने की कोशिश की। माना जा रहा है कि चुनाव से पहले कांग्रेस संगठन को एकजुट करने की कवायद तेज हो गई है। वे अन्य दावेदारों और कार्यकर्ताओं से भी लगातार संपर्क साध रही हैं।
BJP ने भी बदले समीकरण
वहीं भाजपा ने पंचकूला में 5 पार्षदों के टिकट काटे हैं। निर्दलीय से पार्टी में शामिल हुईं ओमवती पूनिया को भी टिकट नहीं दिया गया। पार्टी ने वार्ड 1 में नरेंद्र लुबाना की पत्नी, वार्ड 3 से सुरेश वर्मा, वार्ड 5 से जय कौशिक और वार्ड 9 से हरेंद्र मलिक पर फिर भरोसा जताया है, जबकि रितु, सोनिया सूद, सोनू, सुनीत सिंगला और राकेश कुमार के टिकट काट दिए गए हैं।
नगर निगम चुनाव को लेकर दोनों प्रमुख दलों में टिकट वितरण के बाद राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं और अब नजरें बागियों की भूमिका और चुनावी समीकरणों पर टिकी हैं।
