रोहतक में कोरोना के बढ़ते प्रकोप के कारण सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद् कर दी गई हैं। अब जो भी कर्मचारी बिना अनुमति के जिला मुख्यालय छोड़ेगा उस पर आपदा प्रबंधन रोहतक में कोरोना के बढ़ते प्रकोप के कारण सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद् कर दी गई हैं। अब जो भी कर्मचारी बिना अनुमति के जिला मुख्यालय छोड़ेगा उस पर आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। पहले से छुट्टी पर चल रहे कर्मचारियों की छुटि्टयां भी रद्द कर दी गई हैं। उन्हें काम पर लौटने के आदेश दिए गए हैं। जिला उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने यह आदेश कोविड काल संबंधित कार्य सुचारू रूप से होने के लिए दिए हैं। जिला में अभी एक्टिव केस 209 हैं।
जिला मजिस्ट्रेट एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकारी के चेयरमैन कैप्टन मनोज कुमार ने महामारी अधिनियम 1897 में धारा 3 व 4 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला में तैनात सभी अधिकारियों की छुट्टियां रद्द की हैं। ऐसा कोविड-19 के मामलों के मद्देनजर किया गया है, ताकि कोविड से संबंधित कार्य को सुचारू रूप से किया जा सके। आदेशों में कहा गया है कि कोई भी अधिकारी व कर्मचारी बिना पूर्व अनुमति के मुख्यालय को नहीं छोड़ेगा। वहीं मेडिकल अवकाश को छोड़कर अन्य कारणों से अवकाश पर चल रहे अधिकारी व कर्मचारियों को तुरंत प्रभाव से अपने विभाग में हाजिर होना होगा।
जिला में कोरोना के 209 एक्टिव हैं। शुक्रवार को कोरोना के 56 नए मरीज मिले थे। आज शाम तक एक्टिव केस का आंकड़ा 300 के पार जाने की संभावना है। वहीं पीजीआईएमएस अस्पताल में अब तक 31 स्वास्थ्य कर्मचारी कोरोना पॉजीटिव हो चुके हैं, जिनमें 21 तो डॉक्टर ही हैं। अभी यहां और केस बढ़ने के आसार बने हुए हैं।
