एमडीयू के नीलकंठ हॉस्टल को बंद करने के लिए नोटिस लगा दिया है। इसे लेकर छात्रों ने कुलपति निवास के बाहर प्रदर्शन किया। एमडीयू अध्यक्ष एवं प्रदेश सह-मंत्री सन्नी नारा ने बताया कि नीलकंठ हॉस्टल के एक छात्र को कोरोना पॉजिटिव पाया गया। इसे लेकर हॉस्टल के वार्डन ने हॉस्टल और मैस को बंद करने का नोटिस लगा दिया। इसे लेकर छात्रों ने अपना विरोध जताते हुए कुलपति निवास के बाहर विरोध प्रदर्शन किया।
छात्रों का कहना था कि जब हॉस्टल के एक छात्र को कोरोना पॉजिटिव पाया गया है। उस छात्र का इलाज विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी बनती है। हॉस्टल को पूर्ण रूप से सैनिटाइज करवाया जाए, लेकिन पूरे हॉस्टल को बंद करवाने का नोटिस कैसे जारी कर दिया। इस प्रकार के फैसले लेने से पहले एमडीयू प्रशासन को सोचना चाहिए। इस स्थिति में बिना किसी सूझ-बूझ के फैसले लेना बहुत ही गलत है। क्योंकि इस समय कोविड अपनी चरम सीमा पर है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अगर छात्र को इस तरह से बाहर निकाला जाएगा, यह बहुत ही गलत निर्णय है। क्योंकि सभी छात्रों को वैक्सीन के दोनों डोज लग चुके हैं। अपने यहां पर सुचारू रूप से पढ़ाई की जा रही है। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपनी गलती मानी। इस फैसले को वापस लिया गया। इस प्रकार के फैसले लेने से पहले प्रशासन को सोचना चाहिए। अगर आगे प्रशासन इस प्रकार के फैसले लेता है तो विद्यार्थी परिषद उसका कड़ा विरोध करेगा।
छात्र नेता सन्नी नारा ने कहा विश्वविद्यालय बार-बार बिना किसी सूझबूझ के इस प्रकार के आदेश जारी कर देता है। बिना किसी आकलन के इस प्रकार के आदेशों का छात्रों पर क्या प्रभाव पड़ेगा। विश्वविद्यालय को इस प्रकार के आदेश जारी करने से पहले सोचना चाहिए। अगर आगे इस प्रकार का कोई आदेश विश्वविद्यालय जारी करता है। तो विद्यार्थी परिषद इसका कड़ा विरोध करेगा।
