रोहतक के महम में नवीन जयहिंद भगवान परशुराम जयंती का न्योता देने के लिए पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि 23 अप्रैल को रोहतक के पहरावर में भगवान परशुराम की जयंती मनाई जाएगी। जिसमें मुख्यातिथि के तौर पर बुजुर्गों की पेंशन की लड़ाई लड़ने वाले दादा दुलीचंद को बुलाया गया है। साथ ही हेलिकॉप्टर से फूलों की बरसात भी होगी।
नवीन जयहिंद ने कहा कि पहरावर की जमीन पर दो सरकारों ने करीब 14 साल तक कब्जा किए रखा। जिसका लोगों ने विरोध भी किया। इसलिए सरकार को वह जमीन देनी पड़ी। अब पहरावर की जमीन पर भगवान परशुराम का भव्य मंदिर बनाया जाएगा। जैसा अयोध्या में राम मंदिर है। वैसे ही पहरावर में परशुराम मंदिर की महता है।
पिछली बाद परशुराम जयंती पर नेताओं द्वारा दिए जाने वाले दान की बड़ी-बड़ी घोषणा की थी। जिस पर नवीन जयहिंद ने कहा कि अभी तक किसी भी नेता ने घोषणा अनुसार राशि नहीं दी। जब राशि मिलेगी तो उसकी जानकारी भी सांझा की जाएगी।
नवीन ने कहा कि भगवान परशुराम जयंती कार्यक्रम में शिकायतों के लिए ढोल (शिकायत पेटी) भी रखा जाएगा। जिसमें लोग अपनी-अपनी शिकायत डाल सकते हैं। उन शिकायतों का समाधान करने का भी प्रयास किया जाएगा। क्योंकि भगवान परशुराम भी न्याय के देवता थे, इसलिए उनकी जयंती पर लोगों की समस्याओं का समाधान करने पर भी ध्यान दिया जाएगा।
महम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ब्राह्मणों पर बयानबाजी करने वालों पर भी नवीन जयहिंद ने कटाक्ष किया और कहा कि जात-पात की राजनीति ना करें। ओबीसी समाज के आड़ में ब्राह्मणों को सरकार की मिलीभगत से गाली दे रहे हैं। पिछले दिनों भी ब्राह्मणों पर बयानबाजी करने वालों को बचकर भागना पड़ा था। जो समाज के ठेकेदार बन रहे हैं, वे लोगों की समस्याएं व आवाज क्यों नहीं उठाते।
