हरियाणा और राजस्थान के नामी गैंगस्टर पपला गुर्जर को बिमला मर्डर केस में उम्रकैद की सजा सुनाई गई। हरियाणा में नारनौल के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधीर जीवन ने दोपहर साढ़े 12 बजे फैसला सुनाया। अदालत ने पपला गुर्जर पर 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया। फैसले के समय गैंगस्टर पपला कोर्ट में मौजूद था। बिमला मर्डर केस में अदालत ने 25 अक्टूबर को ही पपला को दोषी करार दिया था।इस मामले की सुनवाई सोमवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई थी।
आपको बता दे पपला गुर्जर ने 6 साल पहले बिमला की 23 गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। इस केस में पपला और उसके 6 साथियों पर आईपीसी की धारा 148, 149, 302, 120बी व आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया। सभी आरोपियों की गिरफ्तारी हुई, लेकिन 5 सितंबर 2017 को पपला गुर्जर के साथी महेंद्रगढ़ कोर्ट में पेशी के दौरान अंधाधुंध फायरिंग करते हुए उसे छुड़वा ले गए। इस गोलीबारी में एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई थी। इस मामले में 6 आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए 12 अप्रैल 2018 को बरी कर दिया गया जबकि पपला गुर्जर को नारनौल कोर्ट ने 25 अक्टूबर 2021 को दोषी ठहरा दिया।
विक्रम उर्फ पपला पर बिमला के भाई महेश एवं उसके बेटे संदीप की हत्या का आरोप था। पपला उक्त मामले में राजीनामा करना चाहता था। बिमला राजीनामे के लिए बिल्कुल तैयार नहीं थी। बाद में विक्रम उर्फ पपला ने बिमला को खत्म करने का ही फैसला लिया। 21 अगस्त 2015 की रात बिमला अपने घर पर सो रही थी। उस रात विक्रम उर्फ पपला गुर्जर एवं उसके साथियों ने बिमला पर अंधाधुंध फायरिंग कर हत्या कर दी थी। बिमला को 23 गोलियां लगी थी। बाद में विक्रम उर्फ पपला ने नवंबर 2015 में बिमला के पिता श्रीराम निवासी बिहारीपुर नांगल चौधरी की भी हत्या कर दी।
गैंगस्टर पपला गुर्जर को उम्रकैद की सजा होने के बाद उसके एडवोकेट कुलदीप सिंह ने कहा कि इस केस में 6 आरोपी पहले ही संदेह के लाभ में बरी हो चुके हैं। उनके मुवक्किल को आईपीसी की धारा 302 में सजा सुनाई गई है। इस सजा के खिलाफ वह पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में अपील करेंगे।
नारनौल के अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुधीर जीवन ने पपला गुर्जर को उम्रकैद की सजा सुनाने के साथ ही उसे नारनौल की नसीबपुर जेल से गुरुग्राम की भोंडसी जेल में शिफ्ट करने के आदेश भी दिए।अब सुरक्षा कारणों के चलते पपला गुर्जर को भोंडसी जेल में रखा जाएगा।
