रोहतक के गांव माड़ौदी निवासी हसीन कुमार ने कलानौर थाने में शिकायत दी। जिसमें बताया कि करीब 8 महीने पहले उनकी मुलाकात पानीपत के रहने वाले 2 लोगों से पानीपत की अनाज मंडी में हुई। जहां पर आरोपी कहने लगे कि वे लोग पढे़ लिखे लड़कों को स्टडी वीजा के तौर पर विदेशों में भेजने का काम करते है। उसके भाई सतपाल व प्रदीप बेरोजगार थे और विदेश जाने के इच्छुक थे। इस वजह से आरोपियों से बातचीत हुई और 40 लाख रुपए में सौदा तय हुआ।
आरोपियों ने कहा कि वीजा आने के बाद पैसे दे देना। इसके बाद जर्मनी के वर्क वीजा लगवाने का झांसा दिया और पानीपत अनाज मंडी में बुलाया। इस दौरान 20 लाख रुपए (12 लाख रुपए ऑनलाइन व 8 लाख रुपए नकद) दिए। बकाया 20 लाख रुपए हवाई जहाज की टिकट आने के बाद देने के लिए कहा। इसके बाद उसके भाइयों को दिल्ली से मोरक्को का टिकट दिया। साथ ही कहा कि जर्मनी का टिकट मोरक्को में मिलेगा। इसके बाद 20 लाख रुपए दे दिए।
हसीन ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने उसके भाइयों को 1 महीने तक मोरक्को में रखा। इसके बाद बैंकॉक भेज दिया। इसके बाद आरोपियों पर शक हुआ। इसके बाद कहा कि दोनों भाइयों को वापस भारत भेज दो और पैसे वापस दे दें। इस पर आरोपियों ने समय मांगा। इसके बाद आरोपियों ने उसके भाइयों को टैक्सी में बैठाकर यूरोप बॉर्डर पर छोड़ दिया और सारे पैसे छीन लिए। जिसके कारण उसके भाइयों को 2 माह रूस की जेल में भी रहना पड़ा। वहीं भारत सरकार की मदद से दोनों भाई जेल से भारत लौटे।
उन्होंने कहा कि जब आरोपियों से पैसे मांगे तो मना कर दिया और कहा तुम्हारे भाइयों को 4 देशों की यात्रा करवा दी। साथ ही आरोपियों ने धमकी दी कि अगर अब परेशान किया तो जान से मरवा देंगे। इसके बाद पुलिस को शिकायत दी और कहा कि उनको झांसे में लेकर 40 लाख रुपए ठगे हैं। जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
