दादा लख्मी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स (डीएलसीसुपवा) द्वारा बनवाई गई शॉर्ट फिल्म व डॉक्यूमेंट्री की 17 जून को मुंबई में स्क्रीनिंग होगी। इन्हें 19वें मुंबई इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (एमआईएफएफ) में स्पेशल स्क्रीनिंग के लिए चुना गया है। चयन समिति ने इसके लिए सुपवा की एक शॉर्ट फिल्म व दो डॉक्यूमेंट्री का चयन किया है। इनका निर्माण यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे छात्रों ने किया है, जबकि सुपवा इनकी प्रॉड्यूसर है।
डीएलसीसुपवा के कुलगुरु डॉ अमित आर्य ने बताया कि शॉर्ट फिल्म ‘जंगली रानी’, डॉक्यूमेंट्री ‘तालमेल’ व ‘रोहतक मेरा शहर’ को एमआईएफएफ में स्क्रीनिंग के लिए चुना गया है। इनका निर्माण फिल्म एवं टेलीविजन फैकेल्टी के 2022 व 2023 बैच के छात्रों ने किया है। ये छात्रों के कोर्स का हिस्सा हैं, जिनके निर्माण में अदाकारी, म्यूजिक, ड्रेस डिजाइनिंग से लेकर डायरेक्शन तक की जिम्मेदारी स्वयं छात्रों ने निभाई है। उन्होंने कहा कि यहां की फिल्मों का इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में पहुंचना सुपवा परिवार के लिए खुशी की बात है। इससे साबित होता है कि यहां विश्वस्तरीय संसाधन मौजूद हैं, जिनसे छात्र हूबहू उसी पैटर्न पर फिल्म व डॉक्यूमेंट्री का निर्माण करते हैं, जैसे बॉलीवुड या हॉलीवुड में किसी मूवी का निर्माण होता है।
तीन छात्रों की कहानी ‘रोहतक मेरा शहर’
डॉक्यूमेंट्री ‘रोहतक मेरा शहर’ तीन छात्रों की दिल छूने वाली यात्रा है, जो उच्च शिक्षा की खोज में अपने शहर को छोड़ देते हैं। नए शहर की अनजान सड़कों पर अपना रास्ता ढूंढते हैं, तो खुद को तरस और खोज के बीच फंसा पाते हैं। अनपेक्षित समानताओं में भी आराम महसूस करते हैं। संघर्ष, दोस्ती और आत्म-मान्यता के पलों के जरिए, उनके लिए घर की तलाश एक जगह से एक भावना में बदल जाती है। इसका निर्देशन 2023 डायरेक्शन बैच के छात्र विनायक शर्मा ने किया है। इसके ऑडियोग्राफर गौतम बैनीवाल रहे, जबकि एडिटर रजत व सिनेमेटोग्राफर वामसी रहे।
डफली बजाने वाले किशोरों पर फोकस ‘तालमेल’
डॉक्यूमेंट्री ‘तालमेल’ किशोर लड़कों की कहानी पर फोकस है, जो अपने और परिवार के खाने-पीने के लिए डफली बजाकर कमाई करते हैं। संगीत की यात्रा के दौरान उन्हें सैकड़ों अजनबी मिलते हैं। संगीत उनके जीवित रहने व भावनाओं को व्यक्त करने का जरिया बनता है, वहीं इन्हें लगातार सामाजिक उपेक्षा व अपनी उम्र से अधिक कठिन हकीकतों का सामना करना पड़ता है। इसका निर्देशन 2023 डायरेक्शन बैच की छात्रा अनुष्का गुप्ता ने किया, जबकि संगीत शंकर व वीर ने दिया है। इसके सिनेमेटोग्राफर प्रतीक तिवारी, साउंड डिजाइनर करूण अरोड़ा, एडिटर दिनेश कुमार रहे।
समाज को आईना दिखाती है ‘जंगली रानी’
शॉर्ट फिल्म ‘जंगली रानी’ सिनेमा की चमक-धमक के पीछे शोषण और अमानवीयता को उजागर करती है। यह कानी समाज को आईना दिखाती है कि जब कला के नाम पर संवेदनाएं कुचल दी जाती हैं तो इंसानियत हार जाती है। इसका निर्देशन 2022 डायरेक्शन बैच की छात्रा नाव्या हयरन ने किया है। इसके सिनेमेटोग्राफर कार्तिक पंडित रहे, जबकि साउंड डिजाइनर रवि, प्रॉडक्शन डिजाइनर ऋषभ अरोड़ा, एडिटर करण भारद्वाज, आर्ट डायरेक्टर सिमरन सांगवान और कॉस्ट्यूम डिजाइन रिया ने किया। इस शार्ट फिल्म में हंशा, मोहम्मद नूरूद्दीन हसन ने अभिनय किया।


