चंडीगढ़: कुरुक्षेत्र के लोकनायक जयप्रकाश नागरिक अस्पताल में एक नाबालिग लड़की के साथ हुए यौन उत्पीड़न के जघन्य मामले को लेकर आज अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति (AIDWA) और सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस (CITU) का एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव से हरियाणा सचिवालय चंडीगढ़ में उनके कार्यालय में मिला। प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को 7 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा और मामले में सख्त एवं व्यापक कार्रवाई की मांग की।
प्रतिनिधिमंडल में जनवादी महिला समिति की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जगमति सांगवान, राज्य अध्यक्ष सविता, महासचिव उषा सरोहा, सीटू की कामकाजी महिला समन्वय समिति की नेता और कुरुक्षेत्र जिला संयोजक रानी देवी, सीटू की नेता रमा देवी शामिल रही। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि कुरुक्षेत्र की घटना न केवल एक जघन्य अपराध है, बल्कि इसने अस्पतालों में महिला मरीजों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। महिलाएं जिन अस्पतालों में इलाज के लिए जाती हैं, वहां भी अगर सुरक्षित नहीं हैं तो राज्य में महिला सुरक्षा की गंभीर स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि इसकी समुचित और समयबद्ध जांच हो कि जिस डॉक्टर पर पहले भी यौन हिंसा और बलात्कार के गंभीर आरोप लग चुके थे, उसे सेवानिवृत्ति के बाद दोबारा नियुक्ति कैसे दी गई।
संगठनों ने मांग की कि आरोपी डॉक्टर को दोबारा नियुक्त करने के मामले में दोषी अधिकारियों और नेताओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में प्रतिदिन करवाई जाए ताकि पीड़िता को शीघ्र न्याय मिल सके तथा आरोपी को पोक्सो एक्ट सहित सभी संबंधित धाराओं के तहत कठोरतम सजा दी जाए।
प्रतिनिधिमंडल ने हरियाणा महिला आयोग की निवर्तमान अध्यक्ष रेनू भाटिया द्वारा नर्सिंग स्टाफ और कामकाजी महिलाओं के प्रति दिए गए कथित अपमानजनक बयान की भी कड़ी निंदा करते हुए मांग की कि रेनू भाटिया के खिलाफ महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने के आरोप में कानूनी कार्रवाई की जाए।
संगठनों ने पीड़ित बच्ची और उसके परिवार के पुनर्वास, सुरक्षा, काउंसलिंग और कानूनी सहायता सुनिश्चित करने, राज्य के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में सुरक्षा ऑडिट कराने तथा महिला और बाल वार्डों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग भी उठाई। इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं में ठेका प्रथा समाप्त कर नियमित और जवाबदेह स्टाफ की भर्ती करने की मांग की गई। प्रतिनिधिमंडल ने अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड के अलावा महिलाओं के स्वास्थ्य से संबंधित अन्य सेवाओं के दुरुस्तीकरण की भी मांग उठाई।
स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि मामले में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा, समयबद्ध जांच करके डॉक्टर को पुनः नियुक्ति देने वालों पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी और सरकार पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाएगी।
जारीकर्ता:
सविता
राज्य अध्यक्ष
अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति (एडवा),
9416974185

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