बिहार में मानसून के मजबूत सिस्टम के चलते कई इलाकों में बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है। प्रदेश के कई जिलों में पिछले दो दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने आज भी 12 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
बिहार के 13 जिले बाढ़ की चपेट में हैं। इनमें दरभंगा, मधुबनी, पश्चिम चंपारण, कटिहार, मधेपुरा, पूर्णिया, सहरसा, खगड़िया, वैशाली, बेगूसराय, भागलपुर, समस्तीपुर और मुंगेर शामिल हैं। वहीं राज्य की 8 नदियां—गंगा, सोन, पुनपुन, कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती और घघरा—खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
पटना में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और नदी खतरे के निशान से करीब 2 फीट ऊपर बह रही है। पटना सिटी के भद्रघाट और महावीर घाट की सर्विस लेन तक घुटनों के ऊपर पानी पहुंच गया है, जिसके बाद सर्विस लेन को बंद कर दिया गया। उधर सोन नदी पर बने रोहतास के इंद्रपुरी बैराज के सभी 69 गेट खोल दिए गए हैं। बैराज से सोन नदी में करीब 5.5 से 6 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे सोन के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है।
पटना के दियारा इलाकों में पानी तेजी से फैल रहा है। मनेर, दानापुर, बख्तियारपुर और मोकामा के निचले इलाकों में स्थिति पर प्रशासन नजर बनाए हुए है। फंसे लोगों को निकालने के लिए सरकारी नावें तैनात की गई हैं।बेगूसराय में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। 20 से ज्यादा गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है और 50 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। यहां गंगा का कटाव भी तेज हो गया है।
बेतिया में गंडक नदी के तेज कटाव की वजह से एक पक्का मकान नदी में समा गया। वहीं भागलपुर के राघोपुर इलाके में भी कटाव रोकने के लिए प्रशासन की ओर से बड़े स्तर पर काम किया जा रहा है। रेत से भरे बैग और मशीनें लगाकर तटबंधों को बचाने की कोशिश की जा रही है।मुंगेर में भी गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। बढ़ते पानी और तेज कटाव के बीच कुछ परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं।बक्सर में नेशनल हाईवे पर भी बाढ़ का पानी पहुंच गया है। वहीं कैमूर में तेलहाड़ कुंड, करकटगढ़ और बंसी खोह जलप्रपात उफान पर हैं।पटना के चंदौसी गांव में पुनपुन नदी का पानी घुस गया है। तेज बहाव के कारण सड़क कई जगह टूट गई है। पुनपुन नदी के बढ़ते जलस्तर से आसपास के कई रिहायशी इलाकों में भी पानी पहुंच गया है।
मुख्यमंत्री ने लिया जायजा: बिहार में बिगड़ते बाढ़ के हालात के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गंगा के बढ़ते जलस्तर का निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। वहीं नीतीश कुमार भी पटना में गंगा के बढ़ते जलस्तर और बाढ़ जैसे हालात का जायजा लेने पहुंचे। उनके साथ जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा भी मौजूद रहे।
राहत-बचाव के लिए प्रशासन अलर्ट: बाढ़ प्रभावित इलाकों से लोगों को निकालने के लिए ऊंचे स्थानों पर राहत शिविर तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। राहत शिविरों में पीने का पानी, भोजन, कम्युनिटी किचन, मेडिकल कैंप, अस्थायी शौचालय और रोशनी की व्यवस्था रखने को कहा गया है।
गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष स्वास्थ्य व्यवस्था के निर्देश हैं। लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए केवल बड़ी सरकारी नावों और SDRF की बोट का इस्तेमाल किया जाएगा। छोटी नावों और डेंगी के संचालन पर रोक लगाई गई है। बाढ़ प्रभावित पशुओं के लिए भी अलग राहत शिविर, चारा और दवाओं की व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं तटबंधों की सुरक्षा के लिए अधिकारियों और मजदूरों को 24 घंटे निगरानी में तैनात रहने को कहा गया है।
बाढ़ में नुकसान पर आर्थिक सहायता: बाढ़ में जनहानि या संपत्ति के नुकसान पर सरकार की ओर से सहायता का प्रावधान किया गया है।
मृत्यु होने पर आश्रितों को 4 लाख रुपये
पूरी तरह ध्वस्त पक्के मकान के लिए 1.20 लाख रुपये
आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त पक्के मकान के लिए 6,500 रुपये
आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त कच्चे मकान के लिए 4,000 रुपयेपूरी तरह नष्ट झोपड़ी के लिए 8,000 रुपये
पशुओं के बाड़े के नष्ट होने पर 3,000 रुपये
अगले दिनों में भी बारिश की संभावना: मौसम विभाग के अनुसार बिहार में अगले कुछ दिनों तक बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है। पटना समेत कई इलाकों में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। बारिश के बावजूद अगले 2 से 3 दिनों में तापमान में बड़ी गिरावट की संभावना नहीं है। अधिकतम तापमान करीब 34 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है और बारिश के साथ उमस भी बनी रह सकती है।
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में बने कम दबाव के क्षेत्र तथा झारखंड के आसपास सक्रिय मौसम प्रणाली के कारण बिहार में नमी वाली हवाओं का प्रवाह बढ़ा है। इसी वजह से प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की स्थिति बनी हुई है। फिलहाल बिहार के 13 जिलों में बाढ़ का संकट बना हुआ है और 8 नदियों के उफान पर होने से प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। लोगों से अपील है कि नदी, तटबंध और जलभराव वाले इलाकों से दूरी बनाए रखें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
