दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए हादसे के बाद पीजी में रहने वाले छात्रों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त हो गया है। LG ने राजधानी के प्रमुख PG हब में स्थित भवनों की सुरक्षा जांच कराने के निर्देश दिए हैं।निर्देशों के मुताबिक, सभी प्रमुख PG हब में इमारतों का स्ट्रक्चरल यानी मजबूती और सुरक्षा ऑडिट एक सप्ताह के भीतर कराया जाएगा। खासतौर पर उन भवनों की जांच की जाएगी, जहां ऊंचाई और मंजिलों से जुड़े नियमों के उल्लंघन की आशंका है।LG ने कहा कि छात्रों को असुरक्षित इमारतों में रहने से बचाना बेहद जरूरी है। हालांकि, बिना उचित जांच के अचानक सीलिंग अभियान चलाने से छात्रों को परेशानी हो सकती है। इसलिए पहले भवनों का निरीक्षण कर उनकी सुरक्षा स्थिति का आकलन किया जाएगा और गंभीर नियम उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई होगी।इसके साथ ही छात्रों के लिए वैकल्पिक आवास की व्यवस्था पर भी विचार किया जाएगा। शहरी विकास मंत्री की अध्यक्षता में गठित समिति संस्थागत PG और छात्रावासों से जुड़े नियमों की समीक्षा करेगी। विश्वविद्यालयों, MCD और DDA के माध्यम से छात्रों के लिए नए हॉस्टल और अन्य आवास विकल्प बढ़ाने की संभावनाएं तलाश की जाएंगी।MCD को अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं। वहीं, PG में रहने वाले छात्रों की समस्याओं और शिकायतों को दर्ज करने के लिए उनका व्यापक डेटाबेस तैयार किया जाएगा।प्रशासन का कहना है कि राजधानी में छात्रों के लिए आवास की मांग और उपलब्ध सुविधाओं के बीच बड़ा अंतर है। ऐसे में आने वाले समय में छात्रावासों की संख्या बढ़ाने के लिए मध्य और दीर्घकालीन योजना तैयार की जाएगी।
