फरमाणा गांव में हुई फसल चोरी की शिकायत के 15 दिन बाद भी कार्रवाई न करने पर एसपी गौरव राजपुरोहित ने महम थाना प्रभारी रविंद्र कुमार और जांच अधिकारी नरेश कुमार को 30 अप्रैल को निलंबित कर दिया है। पीड़ित किसान ने सीएम विंडो पर पुलिस कार्रवाई न होने की शिकायत की थी।
फरमाणा खास गांव निवासी शशि ने 21 अप्रैल को सीएम विंडो पर शिकायत दी थी कि उनकी गांव में सवा एकड़ जमीन है जिसमें गेहूं की फसल उगा रखी थी। आरोप है कि गांव के युवक दीपक ने रात ढाई बजे गेहूं निकाल लिया। वह सुबह खेत में पहुंचे तो उन्हें घटना का पता लगा।
उन्होंने 16 अप्रैल को महम थाने में लिखित शिकायत दी, इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से एसपी रोहतक को जांच के आदेश दिए।
30 अप्रैल को दर्ज की एफआईआर, तीन घंटे बाद ही एसएचओ व आईओ सस्पेंड
सीएम विंडो पर शिकायत की भनक लगने के बाद महम थाने में हलचल हो गई। शिकायत के 15 दिन बाद महम पुलिस ने आरोपी दीपक के खिलाफ 30 अप्रैल को शाम पांच बजे एफआईआर दर्ज की। हालांकि, एसपी ने उसी दिन आठ बजे थाना प्रभारी व जांच अधिकारी को सस्पेंड करने के आदेश जारी कर दिए।
महम थाने में लंबा नहीं टिका कोई प्रभारी, एक साल में पांचवें एसएचओ नपे
महम थाना प्रभारी लंबे समय तक नहीं टिक पा रहा है। एक साल में पांच थाना प्रभारी नप चुके हैं। किसी को निलंबित किया गया तो कोई लाइन हाजिर हुआ। पिछले साल तत्कालीन थाना प्रभारी सतपाल को निलंबित किया गया था। इसके बाद प्रह्लाद सिंह पर गाज गिरी। फिर रमेश कुमार को पुलिसकर्मियों के होटल पर खाना खाने के दौरान हुए विवाद के चलते हटाया गया। फिर मालखाने में रखी शराब की हेराफेरी के मामले में सुभाष सिंह लाइन हाजिर किए गए। अब इंस्पेक्टर रवींद्र कुमार को शिकायत पर कार्रवाई न करने पर निलंबित किया गया है।
शिकायत मिली थी कि फरमाणा गांव के किसान की फसल चोरी की शिकायत पर सही ढंग से कार्रवाई नहीं की गई। इसके कारण महम थाना प्रभारी रवींद्र कुमार व एएसआई नरेश कुमार को निलंबित किया गया है।
– गौरव राजपुरोहित, एसपी रोहतक
