नई दिल्ली। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तिथि अब बेहद करीब है। आम करदाताओं के लिए ITR फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 है और अब केवल 3 दिन का समय शेष है। यदि तय समय तक रिटर्न दाखिल नहीं किया जाता है, तो 31 दिसंबर 2026 तक ‘बिलेटेड रिटर्न’ दाखिल किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए ₹5,000 तक की लेट फीस देनी पड़ सकती है।इनकम टैक्स विभाग अब AI, डेटा एनालिटिक्स, AIS, TIS, Form 26AS, बैंकिंग रिकॉर्ड, TDS, शेयर, म्यूचुअल फंड, प्रॉपर्टी और अन्य वित्तीय लेन-देन के जरिए करदाताओं की जानकारी का मिलान करता है। ऐसे में आय या निवेश छिपाने पर टैक्स, ब्याज और पेनाल्टी का सामना करना पड़ सकता है।

ITR भरते समय इन 10 बातों का रखें विशेष ध्यान:

केवल Form-16 पर निर्भर न रहें, ब्याज, किराया, डिविडेंड, फ्रीलांस आय, शेयर व म्यूचुअल फंड से हुई कमाई भी शामिल करें।

अपनी आय के अनुसार सही ITR फॉर्म का चयन करें।AIS, TIS और Form 26AS का मिलान जरूर करें।

वर्ष के दौरान नौकरी बदली है तो दोनों कंपनियों की आय जोड़कर रिटर्न भरें।

बैंक खाते की जानकारी, IFSC और अकाउंट नंबर सही दर्ज करें।

FD, RD, सेविंग अकाउंट और बॉन्ड के ब्याज को छिपाने की गलती न करें।

शेयर, म्यूचुअल फंड और प्रॉपर्टी की बिक्री से हुए लाभ या नुकसान का पूरा विवरण दें।

80C, 80D, NPS और होम लोन जैसी कटौतियों का दावा दस्तावेजों के आधार पर ही करें।

विदेशी निवेश या आय होने पर उसका पूरा खुलासा करें।

रिटर्न दाखिल करने के बाद ई-वेरिफिकेशन करना न भूलें, अन्यथा रिटर्न अमान्य माना जा सकता है।

31 जुलाई के बाद कितनी लगेगी लेट फीस?

वार्षिक आय ₹5 लाख से अधिक होने पर ₹5,000 लेट फीस।

वार्षिक आय ₹5 लाख तक होने पर ₹1,000 लेट फीस।

करदाताओं को सलाह दी जाती है कि अंतिम समय की तकनीकी समस्याओं से बचने के लिए 31 जुलाई से पहले ही ITR दाखिल कर ई-वेरिफाई कर लें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

YouTube
YouTube
Set Youtube Channel ID
WhatsApp
error: Content is protected !!