कोरोना वायरस महामारी के कारण 2020 में बंद हुई करतारपुर साहिब गुरुद्वारे की तीर्थयात्रा को फिर से शुरू किया जा रहा है। पंजाब में चुनावी माहौल के बीच केंद्र सरकार ने गुरु नानक देव के प्रकाश पर्व से दो दिन पहले करतारपुर कॉरिडोर खोलने की घोषणा कर दी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को ट्वीट करके इसकी जानकारी दी। गुरु नानक देव का प्रकाश पर्व 19 नवंबर को है। करतारपुर जाने के लिए रजिस्ट्रेशन 17 नवंबर से ही शुरू हो जाएगा। पहले जत्थे में 250 श्रद्धालु पाकिस्तान जाएंगे।
अमित शाह ने ट्वीट किया, ‘एक बड़ा फैसला जो लाखों सिख श्रद्धालुओं को लाभ पहुंचाएगा, नरेंद्र मोदी सरकार ने कल, 17 नवंबर से करतारपुर साहिब गलियारा को फिर से खोलने का निर्णय किया है.’ गृह मंत्री ने कहा, ‘यह फैसला गुरु नानक देव जी और सिख समुदाय के प्रति मोदी सरकार की अपार श्रद्धा को दर्शाता है.’ उन्होंने कहा कि राष्ट्र 19 नवंबर को श्री गरु नानक देव जी का प्रकाश उत्सव मनाने की तैयारी कर रहा है और उन्हें विश्वास है कि यह कदम ‘देश भर में खुशी और उत्साह को और बढ़ा देगा.’।
कोरोना काल के चलते मार्च 2020 से करतारपुर कॉरिडोर बंद है। पिछले दिनों पाकिस्तान को कैटेगरी-C में रख करतारपुर कॉरिडोर खोलने के संकेत दिए गए थे। हालांकि भारत ने इस पर कोई फैसला नहीं लिया था। वहीं कोरोना का असर खत्म होने के बाद CM चरणजीत सिंह चन्नी, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की प्रधान बीबी जागीर कौर और अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था। इसके बाद पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू भी डेरा बाबा नानक गए और करतारपुर कॉरिडोर खोलने की अरदास की।
पिछले तीन दिन से BJP की पंजाब इकाई का एक शिष्टमंडल प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा की अध्यक्षता में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से भी इस मामले में मिला है। कॉरिडोर गुरु नानक देव के प्रकाश पर्व से पहले खोलने की घोषणा प्रधानमंत्री आज कर सकते हैं। PM ऑफिस ने भी कॉरिडोर खोलने के लिए गृह मंत्रालय को कागजी कार्रवाई पूरी करने के लिए कह दिया है।
तकरीबन 20 महीनों के बाद करतारपुर कॉरिडोर खुला तो इसके लिए सबसे अहम शर्त कोरोना गाइडलाइंस के पालन की होगी। इसके लिए कोविड वैक्सीनेशन की दोनों डोज लगवाने के अलावा 72 घंटे से कम समय की RT-PCR टेस्ट की रिपोर्ट भी चाहिए होगी।
करतारपुर कॉरिडोर के बनने से तीर्थयात्री बिना वीजा गुरुद्वारे के दर्शन करने के लिए जा सकते हैं। इसके लिए सिर्फ ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य है। इस कॉरिडोर को भारत और पाकिस्तान के संबंधों में सुधार की ओर एक कदम के तौर पर देखा गया। कॉरिडोर खुल जाने से भारत और पाकिस्तान दोनों देशों के टूरिज्म को भी फायदा होगा। पाकिस्तान और भारत के सरहदी इलाके के लोगों को इस कॉरिडोर के कारण रोजगार के अवसर भी उपलब्ध हो रहे हैं।
