कांग्रेस विधायक दल की बैठक मंगलवार को विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा के चंडीगढ़ स्थित आवास पर करीब एक बजे खत्म हुई। बैठक के बाद हुड्डा ने पत्रकार वार्ता में कहा कि प्रदेश में सरकार नाम की कोई चीज नहीं है। विश्वविद्यालय में भर्तियां एचपीएससी और हरियाणा स्टॉफ सिलेक्शन बोर्ड द्वारा करने का निर्णय विश्वविद्यालय की स्वायत्ता खत्म करेगा। यह शिक्षा के हित में नहीं है। यूजीसी की गाइडलाइन अनुसार नहीं है। सरकार की पॉलिसी विश्वविद्यालय की स्वतंत्रता खत्म करने जा रही है। सभी विश्वविद्यालयों की सिलेक्शन कमेटी होती है और गाइडलाइन होती है।
हुड्ड्डा ने कहा कि पिछली विधानसभा में नकल के खिलाफ कानून आया था तो मैंने सवाल उठाया था। तब पूरे हाउस ने शोर मचाया था, तब सरकार ने मना कर दिया था। हुड्डा ने विधानसभा में हुई बहस की ऑडियों भी सुनाई। सरकार का यह फैसला शिक्षा पर भारी होगा। यूजीसी द्वारा जारी रैंकिंग में 100 में से केवल एमडीयू 76 वें नंबर पर आई है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय 119 वें नंबर पर है।
भाजपा जजपा के एक-एक दाना खरीद नारे पर चुटकी लेते हुए हुड्डा ने कहा कि बाजरा 800 रुपए प्रति क्विंटल बिका। धान न बिकने पर किसानों ने आत्महत्या की धमकी और मंडियों की तालाबंदी की। धान खरीद घोटाले की जांच नहीं हुई दो साल में हरियाणा के किसानों का धान नहीं खरीदा। खाद की कमी नहीं है तो बहन बेटियां लाइन में क्यों खड़ी हैं?
स्वास्थ्य के मुद्दे पर पूर्व सीएम ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में प्लेटलेट्स मशीन नहीं है। केंद्र सरकार ने पंजाब को 400 करो़ड, हिमाचल को 98 करोड़ स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दिया। हरियाणा को एक पैसा भी नहीं मिला, क्योंकि डिमांड ही नहीं की। कोई नया अस्पताल सात साल में नहीं बना। भगवान न करे कि तीसरी लहर आए। हुड्डा ने कहा कि सरकार हर माेर्चे पर फेल है और विधानसभा सत्र में सरकार को इन मुद्दों पर घेरेंगे और जवाब मांंगेंगे।
