रोहतक: महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (MDU), रोहतक में फीस वृद्धि और छात्र-विरोधी नीतियों के खिलाफ पिछले 12 दिनों से जारी धरने के क्रम में आज छात्रों ने विश्वविद्यालय के गेट नंबर 2 पर तालाबंदी कर जोरदार विरोध दर्ज कराया। Mission Equality Students’ Organization (MESO) के नेतृत्व में सैकड़ों छात्र इस आंदोलन में शामिल हुए।
इस अवसर पर MESO महासचिव नकुल ने कहा, “विश्वविद्यालय लगातार लूट का अड्डा बनता जा रहा है। हर साल 10 प्रतिशत फीस वृद्धि किसी भी तरह से तर्कसंगत नहीं है। लगातार बढ़ती फीस गरीब और मेहनतकश तबके के छात्रों के शिक्षा के अधिकार पर सीधा हमला है। शिक्षा को आम जनता की पहुंच से दूर करने की इस नीति को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।”
प्रदर्शन में MESO से रोहित लाढौत, एडवोकेट मनजीत, साहिल, सागर, अंजली, इंदु, स्वीटी, नवीन और दीपक भोसले सहित सैकड़ों छात्र शामिल हुए।
आंदोलन को विभिन्न छात्र एवं सामाजिक संगठनों का भी समर्थन मिला। SFI से अमित पिलाना ने फीस वृद्धि के साथ-साथ विश्वविद्यालय और हॉस्टल से जुड़ी अन्य छात्र समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया और प्रशासन से इनके समाधान की मांग की। दिशा छात्र संगठन से शैल्ली एवं ज्योति तथा DASFI से प्रतीक मेहरा और राष्ट्रीय समन्वयक डॉ. राजेश मेहंदिया ने भी प्रदर्शन में शामिल होकर छात्रों की मांगों का समर्थन किया। वहीं Mission Equality Rewari से अरविंद दशोदिया और भीम आर्मी रेवाड़ी से दीपक गोठवाल ने भी आंदोलन को अपना समर्थन दिया।
छात्रों ने कहा कि पिछले 12 दिनों से वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा अब तक कोई ठोस समाधान नहीं किया गया है। छात्रों ने कुलपति से सीधे वार्ता की मांग की, लेकिन कुलपति के स्वयं छात्रों के बीच न पहुंचने पर छात्रों में रोष और बढ़ गया।
प्रशासन की ओर से रजिस्ट्रार छात्रों से बातचीत के लिए पहुंचे। हालांकि, बातचीत में छात्रों की मुख्य मांगों पर कोई ठोस निर्णय या लिखित आश्वासन नहीं दिया गया, जिसके चलते वार्ता बेनतीजा रही।
MESO ने स्पष्ट किया कि फीस वृद्धि वापस लेने और छात्रों की जायज मांगों पर ठोस निर्णय होने तक आंदोलन जारी रहेगा। छात्रों ने कहा कि शिक्षा को लगातार महंगा बनाकर गरीब और मेहनतकश परिवारों के छात्रों को उच्च शिक्षा से दूर करने की नीति स्वीकार नहीं की जाएगी।

