रोहतक में आज तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं पिछले 24 घंटे में हुई बारिश से जलभराव की स्थिति बन गई है। सड़कों से दो-तीन घंटे में पानी उतर जाता है, लेकिन खेतों में कई फीट तक पानी जमा हो गया है। निकासी का कोई उचित इंतजाम नहीं है, जिससे फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। ब्लॉक महम में 41 मिमी, रोहतक में 30 मिमी, सांपला में 35 मिमी और कलानौर में सबसे ज्यादा 96 मिमी बारिश हुई। गलियों और खेतों में पानी भरने के कारण किसानों को नुकसान हुआ है और वे काफी चिंतित हैं।
गांव सैमाण के खेतों में जलभराव का स्तर लगातार बढ़ रहा है। 5 से 6 फुट तक खेतों में पानी भरा हुआ है। हालांकि निकासी के लिए पंप सेट लगाए गए हैं, लेकिन हालातों में कोई सुधार नहीं हो रहा। पंप सेटर पानी को केवल एक खेत से दूसरे खेत में डाल रहे है, जिससे हालात बिगड़ रहे है।
रोहतक से होकर गुजरने वाली ड्रेन नंबर 8 इस समय भरी हुई है, जिसके टूटने का डर भी बना हुआ है। पिछले साल भी यह ड्रेन एक गांव के पास टूट गई थी, जिससे हालात बिगड़े थे। इस बार भी ड्रेन को लेकर खतरा बना हुआ है। हालांकि प्रशासन की तरफ से निगरानी के लिए टीम बना रखी है, लेकिन साथ लगते क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में डर बना हुआ है।
प्रशासन की तरफ से बरसात से पहले सभी नालों की उचित सफाई न करने के कारण हालात बिगड़ रहे है। कई स्थानों पर जलभराव देखने को मिल रहा है। वहीं, पार्कों के अंदर जलनिकासी की व्यवस्था न होने के कारण पानी भरा हुआ है, जिससे लोगों को सैर करने में परेशानी हो रही है।
बरसात के कारण सांपला, कलानौर व महम के खेतों के पानी भरा हुआ है। खेतों में फसल पूरी तरह से पानी में डूबी हुई है। कुछ गांवों में तो स्थिति और भी खराब है। किसान बार-बार जलनिकासी की मांग उठा रहे हैं, लेकिन पानी की निकासी नहीं हो रही, जिससे परेशानी बढ़ रही है।
डीसी सचिन गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में पानी भरने की समस्या आई है, वहां से तुरंत पानी निकालने की व्यवस्था की जाए। जिन गांवों के खेतों में पानी भरा है, वहां से भी पानी निकालने की उचित व्यवस्था करें। लोगों को परेशानी होने नहीं दी जाएगी। लोगों की सुविधा के लिए टोल फ्री नंबर भी जारी किया गया है। वहीं, महम में हल्की बूंदाबांदी चल रही है। सांपला व कलानौर क्षेत्र में भी बादल छाए हुए है, जिससे बारिश होने की संभावना बनी हुई है।
