उत्तराखंड की पहाड़ियों पर हुई भारी बरसात से शुक्रवार को यमुना नदी का जलस्तर बढ़कर 92 हजार 926 क्यूसेक पर पहुंच गया। यमुना नदी के तटवर्ती कंट्रोल रूम को बाढ़ की सूचना दी गई। हथिनी कुंड बैराज के सभी 18 गेट खोलकर 82406 क्यूसेक बाढ़ के पानी को दिल्ली की ओर डायवर्ट किया गया। इसके अलावा 23 हजार क्यूसेक पानी सोम नदी का अलग से यमुना नदी में गया है। यानी एक लाख क्यूसेक से अधिक पानी दिल्ली की ओर गया है।

सिंचाई विभाग के हथिनी कुंड कंट्रोल रूम के मुताबिक, शुक्रवार दोपहर 12 बजे से यमुना नदी का जलस्तर का बढ़ाना शुरू हुआ। बैराज पर दोपहर 12 बजे 73,385 क्यूसेक जलस्तर रहा। यह दोपहर 2 बजे बढ़कर 84,853 क्यूसेक पर पहुंच गया। इसी तरह 4 बजे 83,745 क्यूसेक जलस्तर रहा। 5 बजे हथिनी कुंड बैराज पर यमुना का अधिकतम जलस्तर 90,926 क्यूसेक रेकॉर्ड किया गया, जिसमें से 82406 क्यूसेक बाढ़ के पानी को दिल्ली की ओर डायवर्ट किया गया । यह पानी 72 घंटे में दिल्ली पहुंचेगा।

सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है जिले के साथ लगते कैचमेंट एरिया में भारी बारिश हो रही है। ऐसे में यमुना नदी का जलस्तर और अधिक बढ़ने की संभावना है। इसके अलावा बैराज के कर्मचारियों को 24 घंटे अलर्ट रहने के लिए आदेश दिए गए हैं। साथ ही हर घंटे बैराज पर जलस्तर की उपस्थिति दर्ज होने के बाद रिपोर्ट देने की बात कही गई है

उधर, यमुनानगर के चिंतपुर गांव में सोम नदी का पानी एक बार फिर ग्रामीणों के लिए मुसीबत बन गया है। गुरुवार रात नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर 10 हजार क्यूसेक को पार कर 23 हजार से भी ऊपर पहुंच गया, जिसके कारण पानी गांव की गलियों, घरों और खेतों में घुस गया। इससे ग्रामीणों का सामान खराब हो गया।

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