रोहतक में बीमार बच्चों का इलाज करने के लिए अब स्वास्थ्य विभाग ने टीमें बनाई हैं। इसमें कई बीमारियों से घिरे बच्चों को चिह्नित किया जाएगा। इसके बाद उन्हें मुफ्त इलाज मिलेगा। इसके लिए बच्चों को स्कूल में या फिर आंगनबाड़ी केंद्र में दाखिला होना अनिवार्य है। अवकाश के बाद स्कूल खुले तो स्वास्थ्य विभाग ने भी राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम शुरू किया है।
इसके तहत टीमें ऐसे बच्चों को चिह्नित करेंगी जो आंखों से भैंगापन, कटे होंठ व तालू, कोकलियार इंप्लांट के अलावा दिल की बीमारी से घिरे हैं। इसमें ऐसे बच्चों को शामिल किया जाएगा। जिनकी उम्र 0 से 18 वर्ष है। डीईआईसी प्रबंधक रेणु काम्बोज ने बताया कि बच्चों में चार विकारों की प्रारंभिक जांच और उपचार का काम किया जा रहा है। ऐसे बच्चों की सूची चंडीगढ़ भेजी जाएगी।
