हरियाणा में बॉन्ड पॉलिसी का विरोध कर रहे MBBS के स्टूडेंट का एक डेलीगेट चंडीगढ़ पहुंच गया है। हरियाणा निवास में उनकी सीएम के APS अमित अग्रवाल के साथ दूसरे सीनियर IAS अधिकारियों के साथ मीटिंग शुरू हो गई है। CMO सूत्रों के अनुसार सरकार छात्रों का विरोध देखते हुए बॉन्ड पॉलिसी में राहत को लेकर कोई फैसला ले सकती है।
बॉन्ड पॉलिसी के बढ़ते विरोध को लेकर हरियाणा के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने भी CM मनोहर लाल खट्टर से बात की है। विज ने कहा है कि सरकार बॉन्ड पॉलिसी का कोई हल निकाल रही है। उम्मीद है कि एक दो दिन में सरकार इस पर फैसला ले लेगी।
देश के अन्य राज्यों की बॉन्ड पॉलिसी के अध्ययन के बाद हरियाणा के ऑफिसर्स ने हरियाणा की की बॉन्ड पॉलिसी में संशोधन का सुझाव दिया है। इसके तहत बॉन्ड राशि को 40 लाख से घटाकर 20 लाख रुपए और बॉन्ड का टाइम 7 साल से कम कर 5 साल किए जाने की सरकार को सलाह दी है। इस पर अब अंतिम फैसला CM मनोहर लाल को लेना है।
बॉन्ड पॉलिसी के विरोध में हरियाणा में MBBS स्टूडेंट 24 दिनों से हड़ताल पर हैं। सूबे के 4 मेडिकल कॉलेजों के स्टूडेंट PGI रोहतक में धरना दे रहे हैं। कुछ स्टूडेंट भूख हड़ताल पर भी बैठ गए हैं। आंदोलन स्टूडेंट को रेजिडेंट डॉक्टर्स का भी साथ मिल गया है। आंदोलन के दौरान 48 घंटे के लिए OPD बंद कर दी गई है। साथ ही इमरजेंसी सेवाएं बंद करने की चेतावनी दी गई है।
