हरियाणा के उत्तरी जिलों और मध्य उत्तर प्रदेश के हिस्सों में एक चक्रवातीय सर्कुलेशन बनने और मौजूद टर्फ लगातार सक्रिय होने से नमी के कारण मंगलवार को मौसम में बदलाव आया। मंगलवार दोपहर को तेज आंधी, बारिश ओलावृष्टि ने लोगों को गर्मी से राहत देने का काम किया तो हिसार में पिड़ गिरने से 20 वर्षीय युवक की मौत हो गई।
मिली जानकारी के अनुसार गांव रावलवास खुर्द निवासी 20 वर्षीय कमल मंगलवार दोपहर बाद मात्रश्याम रोड पर बरगद के पेड़ के नीचे खड़ा था। तेज आंधी में पेड़ गिर गया, जिससे कमल पेड़ के नीचे दब गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। ग्रामीणों ने बताया कि कमल अपने चचेरे भाई के साथ वहां खड़ा था। आंधी-बारिश से बचने के लिए पेड़ की शरण ली थी।
वहीं, भिवानी, चरखी- दादरी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम में तेज आंधी के बाद बारिश व ओलावृष्टि हुई। हिसार जिले में काफी संख्या में पेड़ व बिजली के खंभे गिरने से यातायात प्रभावित हुए। करीब 40 गांवों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई।
मौसम विशेषज्ञ डॉ चंद्रमोहन ने बताया कि मंगलवार को देर रात तक तेज हवाएं चलने के साथ बारिश की संभावना है। कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की संभावना बन रही है। पूरे प्रदेश में मौसम परिवर्तन शील बना हुआ है। 10-14 जून तक हरियाणा ,एनसीआर, दिल्ली में मौसम में बदलाव जारी रहेगा। 10 जून उसके बाद 12 जून को एक के बाद एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से हरियाणा में बादलों की आवाजाही तेज गति की हवाओं आंधी अंधड़ और हल्की बारिश बूंदाबांदी कुछ स्थानों पर तेज बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की गतिविधियों की संभावना है।
वहीं, रेवाड़ी में शाम करीब चार बजे के बाद अचानक बदले मौसम ने जिलेभर में भारी तबाही मचा दी। तेज आंधी, तूफान और बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हो गया। जिले में 60 से अधिक बिजली के पोल और 70 से ज्यादा पेड़ गिर गए। कई स्थानों पर सड़कें अवरुद्ध हो गईं, जबकि शहर से लेकर गांव की बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।
शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में अनेक स्थानों पर पेड़ सड़कों पर गिरने से यातायात प्रभावित रहा। भाड़ावास-जाटूवास मार्ग पर भी एक पेड़ गिरने से रास्ता बंद हो गया।
बावल क्षेत्र में एक विशाल पेड़ गिर गया, जिसे करीब 100 वर्ष पुराना बताया जा रहा है। पेड़ गिरने से आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। सौभाग्य से किसी बड़े जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं मिली। कई जगह पेड़ों की टहनियां मकानों और वाहनों पर भी गिरीं, जिससे लोगों को नुकसान उठाना पड़ा। आंधी और बारिश का सबसे ज्यादा असर बिजली व्यवस्था पर पड़ा। इसके चलते शाम चार बजे के बाद शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई।

