उत्‍तर प्रदेश के गाजियाबाद में सीवेज के नमूने में पोलिया वायरस मिलने की पुष्टि के स्‍वास्‍थ्‍य विभाग अलर्ट हो गया है। डूंडाहेड़ा सीवरेज ट्रीटमेंट प्‍लांट (एसटीपी) के दूषित पानी के नमूने में वैक्‍सीन डिराइव्‍ड पोलियो वायरस (वीडीवीपी) टाइप 1 मिला है। इसके बाद स्‍वास्‍थ्‍य विभाग की टीम ने अतिसंवेदनशील 12 इलाकों में डोर टू डोर सर्वे शुरू कर दिया है।

इन इलाकों में रहने वाले डेढ़ लाख से ज्‍यादा पांच साल के बच्‍चों के बारे में पता लगाया जा रहा है कि उन्‍होंने कब-कब पोलियो की खुराक ली। नियमित टीकाकरण हुआ है या फिर अधूरा रह गया है। वायरस के संभावित खतरे को देखते हुए शहरी क्षेत्र के 12 प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्रों पर 107 टीमें गठित की गई हैं। यह टीम घर-घर जाकर जरूरत पड़ने पर पोलियो ड्रॉप्‍स भी पिलाएगी।

स्‍वास्‍थ्‍य विभाग पोलियो वायरस की निगरानी के लिए हर महीने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के एसटीपी के दूषित पानी के नमूने जांच के लिए भेजता है। हाल ही में डूडाहेड़ा एसटीपी से लिया गया सैंपल जांच के लिए दिल्‍ली भेजा गया था। सोमवार को आई रिपोर्ट में वीडीपीवी-1 टाइप की पुष्टि हुई। रिपोर्ट मिलने के बाद अ‍फसरों में हलचल मच गई।

शहरी पीएचसी के नोडल अधिकारी डॉ आरके गुप्‍ता ने बताया कि 107 टीमें घर-घर जाकर बच्‍चों के स्‍वास्‍थ्‍य की जानकारी लेंगी। विशेष रूप से एसटीपी के आसपास की कॉलोनियों में पांच वर्ष तक बच्‍चों का सर्वे कर बीमार बच्‍चों का पता लगाया जाएगा। साथ ही टीकाकरण की स्थिति का भी आकलन किया जाएगा।

स्‍वास्‍थ्‍य विभाग ने नगरीय प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र राजनगर, शास्‍त्रीनगर, बुलंदशहर रोड औद्योगिक क्षेत्र, दौलतपुरा, न्‍यू पंचवटी कॉलोनी, घूकना, हिंडन विहार, कैला भट्ठा, मिर्जापुर, विजय नगर 01, विजय नगर 02 और खैराती नगर क्षेत्रों में घर-घर सर्वे के आदेश जारी किए हैं।

अफसरों का मानना है कि पोलिया वायरस मिलने का कारण नियमित टीकाकरण न होना भी हो सकता है।

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