हरियाणा में कांग्रेस का संगठन अगले सप्ताह तक बनकर तैयार हो जाएगा। कांग्रेस ने 3-3 के पैनल में से चर्चा के बाद 1-1 नाम हर जिले से फाइनल कर लिए हैं। संगठन सृजन कार्यक्रम के तहत दिल्ली में सोमवार को प्रदेश के सीनियर नेताओं को बुलाया गया था।

वहां कांग्रेस दफ्तर में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल और प्रदेश प्रभारी बीके हरिप्रसाद ने प्रदेश के सीनियर नेताओं के साथ वन-टू वन चर्चा की गई। इसके बाद एक-एक नाम हर जिले से तय किया गया है।

इन नामों से फाइनल करते समय कास्ट, कैपेबिलिटी और डेडिकेशन पर नामों को परखा गया है। अब राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल, राहुल गांधी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से चर्चा करेंगे।

शीर्ष नेतृत्व से सहमति मिलने के बाद 30 जुलाई या इससे पहले जिलाध्यक्षों के नामों की घोषणा की दी जाएगी। बताया जा रहा है कि कांग्रेस की जिलाध्यक्ष की सूची में किसी विधायक का नाम नहीं है। इसके अलावा बार-बार पार्टी बदलने और विवादित बयान देकर पार्टी को असहज करने वाले नेताओं को भी संगठन में जगह नहीं दी जाएगी।

कांग्रेस प्रदेश प्रभारी बीके हरि प्रसाद ने बताया कि ” कांग्रेस का संगठन 30 जुलाई से पहले बनकर तैयार हो जाएगा। अभी जिलाध्यक्षों के नामों का ऐलान किया जाएगा। प्रदेशाध्यक्ष बदलने का अभी कोई एजेंडा नहीं है”।

संगठन बनाते वक्त कास्ट फैक्टर को सबसे ऊपर रखा जाएगा। कुछ जिलों में शहरी और ग्रामीण जिलाध्यक्ष चुने जाएंगे। इनमें देखा जाएगा कि किस जाति के वोटर सबसे अधिक हैं। किसको अध्यक्ष बनाने से किस जाति पर सबसे ज्यादा असर होगा। उदाहरण के तौर पर हिसार में वैश्य और पंजाबी समाज के वोटर अधिक हैं तो इनमें से जिलाध्यक्ष चुना जा सकता है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्र से जाट समाज या ओबीसी से नाम लिया जा सकता है।

कांग्रेस ऐसा जिलाध्यक्ष चुनना चाहती है जिसमें संगठन को चलाने की क्षमता हो। वह पूर्व में भी जिले के कमेटी या ऐसे पद पर हो जिसका प्रभाव जिले में रहा हो। ऐसे नेता को कमान दी जाए जो अपने दम पर कांग्रेस पार्टी को खड़ा करने की क्षमता रखता हो। इसलिए हैवीवेट नामों को छांटा गया है।

ऐसे वर्कर जो पूरी तरह से पार्टी के लिए समर्पित हों। उन पर किसी तरह का कोई दाग ना हो और पूर्व में ऐसी कोई गतिविधि नहीं की हो जिससे पार्टी को नुकसान हो। कांग्रेस चाहती है ऐसे नेता को जिलाध्यक्ष ना बनाया जाए तो ऐन मौके पर विरोधी दल में शामिल होकर पार्टी को नुकसान पहुंचाए। इसलिए पार्टी के प्रति समर्पित रहने वाले को ही जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी जा सकती है।

दरअसल, सोमवार को बीके हरिप्रसाद की मौजूदगी में नई दिल्ली में मीटिंग में प्रदेश कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेताओं को बुलाया गया। इनमें पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा, प्रदेशाध्यक्ष उदयभान, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं सिरसा सांसद कुमारी सैलजा, राष्ट्रीय महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला, पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह, पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव मुख्य रूप से शामिल रहे।

इन नेताओं की राय जानी गई और इनको राष्ट्रीय महासचिव की तरफ से साफ कहा गया है कि लिस्ट जारी होने के बाद किसी तरह का कोई विरोध नहीं होना चाहिए और मीडिया में जाकर कोई कुछ नहीं बोलेगा। जो भी लिस्ट शीर्ष नेतृत्व जारी करेगा सभी को उसको मानना ही पड़ेगा।

YouTube
YouTube
Set Youtube Channel ID
WhatsApp
error: Content is protected !!