सर्दी खांसी और जुकाम की चपेट में बच्चे जल्दी आ जाते हैं क्योंकि उनकी इम्यूनिटी स्ट्रांग नहीं होती। इससे राहत पाने के लिए अक्सर पेरेंट्स कई तरह के कोल्ड-कफ सिरप का इस्तेमाल करते हैं लेकिन अगर आप बिना डॉक्टरी सलाह या जानकारी के कोई भी खांसी की दवा बच्चे को दे रहे हैं तो अब जरा सावधान हो जाए क्योंकि भारत सरकार ने बच्चों को दी जाने वाली कुछ कफ-सिरप पर बैन लगा दिया है। यह कदम बच्चे की सेहत को ध्यान में रखते हुए उठाए गए हैं। अगर आप ऐसा कर रहे हैं तो यह खबर आपके लिए है! जी हां, सरकार ने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 4 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए कुछ खांसी की दवाओं पर बैन लगा दिया है। यह कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि इन दवाओं का इस्तेमाल बच्चों के स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। तो जानिए, किन दवाओं पर लगी है यह रोक और इसके पीछे सरकार का बड़ा फैसला क्या है।
केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने 18 दिसंबर को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र भेजकर इन दवाओं के उपयोग पर रोक लगाने की घोषणा की। यह कदम विशेषज्ञ समितियों की सिफारिशों और बच्चों में इन दवाओं के दुष्प्रभावों को लेकर बढ़ती चिंताओं के मद्देनजर उठाया गया है।
सरकारी नोटिफिकेशन के अनुसार, अब क्लोरफेनिरामाइन मैलेट और फिनाइलफ्रीन हाइड्रोक्लोराइड को मिलाकर बनाई जाने वाली सभी दवाओं (Fixed Dose Combination – FDC) की बिक्री, निर्माण और वितरण पर रोक लगा दी गई है। यानी अब इन दोनों दवाओं को मिलाकर बनी कोई भी सिरप, टैबलेट या अन्य दवा मार्केट में नहीं बिकेगी, न ही बनाई जा सकेगी। यह फैसला लोगों की सेहत को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
15 अप्रैल को जारी एक नोटिफिकेशन में कहा गया है कि यदि दवा कंपनियां अपने उत्पाद के लेबल, पैकिंग और विज्ञापन सामग्री में स्पष्ट रूप से यह चेतावनी देती हैं कि “फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन का उपयोग 4 साल से कम उम्र के बच्चों में नहीं किया जाना चाहिए”, तो उन्हें इन दवाओं का उत्पादन, बिक्री और प्रचार करने की अनुमति दी जा सकती है। यानी, सही चेतावनी देने की शर्त पर कंपनियां अपना काम जारी रख सकती हैं।
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