पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या का मास्टरमाइंड गैंगस्टर गोल्डी बराड़ अंडरग्राउंड हो गया है। वह कनाडा में सुरक्षा एजेंसियों से छिपता फिर रहा है।
सुरक्षा एजेंसियों की मानें तो गोल्डी को कनाडा में दो डर सता रहे हैं। पहला ये कि एजेंसी उसे ट्रैप न कर ले और दूसरा ये कि कनाडा में मौजूद विरोधी गैंग्स के सदस्य जो उसके जान के दुश्मन बने हुए हैं, उसका काम तमाम न कर दें। एजेंसी के मुताबिक उनके हाथ दो वीडियो आए थे, जिसमें विरोधी गैंग के लोग नकली गोल्डी मारते पीटते दिख रहे थ। सुरक्षा एजेंसियों ने तेजी से उसकी तलाश शुरू कर दी है। कनाडा में ट्रक चलाने वाले गोल्डी के खिलाफ पहले ही रेड कॉर्नर नोटिस जारी हो चुका है।
गोल्डी बराड़ ने अपने सभी मोबाइल नंबर बंद कर दिए हैं। उसके करीब रहने वालों के भी मोबाइल स्विच ऑफ हो चुके हैं। हालांकि इस दौरान लॉरेंस गैंग का काम चलता रहे, इसके लिए डमी गोल्डी गैंग चला रहा है। सूत्रों की मानें तो यह नकली गोल्डी असली की आवाज में रंगदारी के कारोबार को आगे बढ़ा रहा है।
गोल्डी बराड़ को कनाडा में दोहरा खतरा सता रहा है। मूसेवाला हत्याकांड की वजह से सुरक्षा एजेंसियां सरगर्मी से उसे ढूंढ रही हैं। वहीं वह विरोधी और खासकर गैंगस्टर दविंदर बंबीहा गैंग की हिटलिस्ट में है। 2 नकली गोल्डी बराड़ से पिटने के बाद उसे खौफ सता रहा है कि कहीं उसे भी पकड़ न लिया जाए। गोल्डी अंडरग्राउंड है और गैंग को किसी डमी के जरिए चलाया जा रहा है, इसके बारे में सुरक्षा एजेंसियों को भी भनक लग चुकी है।
मूसेवाला हत्याकांड के बाद गोल्डी सिर्फ पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ही नहीं बल्कि कई गैंग की हिटलिस्ट में है। इनमें सबसे पहला बंबीहा गैंग है। दूसरे नंबर पर दिल्ली के दाउद के नाम से मशहूर नीरज बवाना का गैंग, गैंगस्टर भूप्पी राणा, कौशल चौधरी, टिल्लू ताजपुरिया समेत कई गैंग उसके पीछे पड़े हुए हैं। वह मूसेवाला के कत्ल का बदला लेना चाहते हैं। कनाडा में जितने लॉरेंस गैंग के मेंबर हैं, उतने ही उसके विरोधी गैंग के भी मेंबर घूम रहे हैं।
अब देखना होगा कि एजेंसियों के हाथ असली गोल्डी लगता है या नहीं। बता दें कि पंजाब के मनसा जिले में 29 मई को सिद्धू मूसेवाला की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
