भोपाल से लेकर ग्रेटर नोएडा तक… देश की दो बेटियां, दो अलग-अलग रसूखदार परिवार, लेकिन दोनों की जिंदगी छीनने वाली वजह सिर्फ एक, ‘दहेज की अंतहीन भूख।’ भारत में कानूनन दहेज लेना और देना, दोनों ही संगीन अपराध हैं; इसके बावजूद हमारे समाज ने इस कुप्रथा को एक अघोषित नियम की तरह पाल रखा है।
ट्विशा शर्मा और दीपिका नागर, इन दोनों ही मामलों ने देश को झकझोर कर रख दिया है, जहां पीड़ित बेटियों के ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए बेरहमी से मानसिक-शारीरिक प्रताड़ना देने और मारपीट करने के गंभीर आरोप लगे हैं।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक रिटायर्ड जज की बहू ट्विशा शर्मा (Twisha Sharma Suicide Case) की कथित आत्महत्या का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि ग्रेटर नोएडा के जलपुरा गांव में दीपिका नागर (Deepika Nagar Suicide Case) की मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। ट्विशा का शव घर के कमरे में फंदे से लटका मिला, तो 1 करोड़ से भी ज्यादा के खर्च से हुई धूमधाम शादी करने वाली दीपिका नागर ने लगातार प्रताड़ना से परेशान होकर जान दे दी।
सबसे पहले जिक्र ट्विशा का। नोएडा की रहने वाली 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा एमबीए ग्रेजुएट थीं, ‘मिस पुणे’ का खिताब जीत चुकी थीं, और कॉर्पोरेट जगत में एक सफल मुकाम पर थीं। साल 2024 में एक डेटिंग ऐप के जरिए उनकी मुलाकात भोपाल के वकील समर्थ सिंह से हुई, और दिसंबर 2025 में दोनों ने शादी रचाई। समर्थ की मां खुद एक रिटायर्ड जज हैं। लेकिन आलीशान बंगले के बंद कमरों के पीछे का सच कुछ और ही था।
शादी के महज पांच महीनों के भीतर ही ट्विशा के ससुराल वालों का लालच जाग उठा। ट्विशा के पति और सास पर आरोप लगा है कि दोनों ने मिलकर उस पर 20 लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) को अपने नाम ट्रांसफर करने का दबाव बनाया। बात-बात पर उन्हें ‘बोझ’ कहकर मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने लगे

जैसे-जैसे दिन बीत रहे थे, ट्विशा के भीतर का दर्द बढ़ता जा रहा था, जो उनकी दोस्तों और मां को भेजे गए आखिरी व्हाट्सएप मैसेजेस में साफ झलका, जहां उन्होंने लिखा था, ‘मम्मी, मेरा जीवन नरक हो गया है, मुझे यहां बहुत सफोकेशन हो रही है, मुझे घर ले जाओ’ और ‘मैं फंस गई हूं भाई, तू मत फंसना।’
12 मई 2026 की रात ठीक 10:05 बजे ट्विशा ने अपनी मां को फोन करके ससुराल में हो रहे उत्पीड़न की बात बताई, लेकिन तभी उनके पति कमरे में आ गए और फोन अचानक कट गया। परिवार वाले घबराकर लगातार फोन मिलाते रहे, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया; फिर ठीक 15 मिनट बाद 10:20 बजे ससुराल पक्ष से फोन आता है कि ‘ट्विशा की सांसें नहीं चल रही हैं।’
भोपाल के कटारा हिल्स स्थित घर में हुई इस संदिग्ध मौत ने कई गहरे सवाल खड़े कर दिए, क्योंकि पोस्टमार्टम की शुरुआती रिपोर्ट में भी मौत से पहले उनके शरीर पर चोट के निशान पाए जाने की बात सामने आई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पति और रिटायर्ड जज सास के खिलाफ दहेज प्रताड़ना और आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर जांच के लिए एसआईटी (SIT) का गठन किया है।
डीसीपी जोन-2 ने इस मामले में आरोपी पति समर्थ के खिलाफ 10 हजार का इनाम घोषित कर दिया है। इसके साथ ही उसके पासपोर्ट को रद्द करने की भी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कटारा हिल्स पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए पति समर्थ और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज हत्या व प्रताड़ना का केस दर्ज कर लिया है।

मॉडलिंग में पहचान बनाने के बाद ट्विशा ने ग्लैमर जगत और सिल्वर स्क्रीन की ओर रुख किया। उन्होंने साल 2018 में आई हिंदी फिल्म “जरा संभल के” में अभिनय किया था, और इसके बाद साल 2021 में रिलीज हुई दक्षिण भारतीय (साउथ) फिल्म “मुग्गुरू मोनागल्लु” में भी मुख्य किरदार निभाया था।
एक्टिंग के साथ-साथ पढ़ाई में भी बेहद होनहार ट्विशा ने एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की थी। हालांकि, फिल्मी दुनिया में अपेक्षित सफलता न मिलने के कारण उन्होंने बाद में कॉर्पोरेट सेक्टर की राह चुनी और दिल्ली की एक नामी कंपनी में नौकरी करने लगी थीं।
वहीं, ग्रेटर नोएडा के इकोटेक-3 कोतवाली क्षेत्र के जलपुरा गांव में रहने वाली दीपिका नागर की शादी महज 14 महीने पहले बड़े ही धूमधाम से हुई थी। शादी को भव्य बनाने के लिए दीपिका के पिता ने अपनी हैसियत से कहीं बढ़कर करीब 1 करोड़ रुपये खर्च किए थे। इस आलीशान शादी में ससुराल वालों को ₹11 लाख नगद और एक चमचमाती स्कॉर्पियो कार भी उपहार में दी गई थी ताकि उनकी बेटी वहां खुश रह सके।

शादी के कुछ ही समय बाद दीपिका के पति और ससुर का लालच और ज़्यादा बढ़ गया। वे दिए गए दहेज से संतुष्ट नहीं थे और दीपिका पर मायके से 51 लाख रुपये नगद और एक फॉर्च्यूनर कार लाने का लगातार दबाव बनाने लगे।
जब दीपिका और उनके परिवार ने इतनी बड़ी मांग को पूरा करने में असमर्थता जताई, तो ससुराल वालों ने दीपिका को मानसिक और शारीरिक रूप से बेरहमी से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया, जिससे उनका जीना दूभर हो गया। रविवार की रात इस प्रताड़ना का खौफनाक अंत दीपिका की संदिग्ध मौत के रूप में हुआ, जब वह ससुराल की तीसरी मंजिल की छत से नीचे गिर गईं।
दीपिका के परिजनों का सीधा आरोप है कि उनके शरीर पर चोट के निशान थे और ससुराल वालों ने दहेज की मांग पूरी न होने पर उनकी हत्या करके उन्हें छत से नीचे फेंक दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्परता दिखाई और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मुख्य आरोपी पति और ससुर को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।

चाहे रसूखदार जज-वकील का घर हो या करोड़ों की आलीशान शादी, ट्विशा और दीपिका के मामलों ने साबित कर दिया है कि समाज में आज भी दहेज प्रथा बेटियों के लिए एक अभिशाप बना हुआ है।
