किसान आंदोलन-2 का आज 6 मार्च को 23वां दिन है। पंजाब-हरियाणा के हजारों किसान शंभू और खनौरी बॉर्डर पर डटे हुए हैं। इस बीच आज संयुक्त किसान मोर्चा (गैर राजनीतिक) और किसान-मजदूर मोर्चा के आह्वान पर देशभर के किसान पैदल, बस व ट्रेनों से दिल्ली कूच करेंगे।

हालांकि, जो किसान शंभू और खनौरी बॉर्डर पर पहले से धरना दे रहे हैं, वे यहीं बैठ रोष प्रकट करेंगे।

उधर, किसानों के बॉर्डर पर ही धरना चलाने के ऐलान के बाद मंगलवार को हिसार-अंबाला-चंडीगढ़ हाईवे (152) को भी खोलना शुरू कर दिया है। इससे पहले सोमवार को प्रशासन द्वारा अंबाला में सद्दोपुर के पास चंडीगढ़-दिल्ली हाईवे (नेशनल हाईवे-44) खोला गया।

हाईवे की दोनों साइड एक-एक लेन खोली गई है। प्रशासन के इस फैसले के बाद वाहन चालकों को काफी राहत मिली है, क्योंकि अंबाला से चंडीगढ़, चंडीगढ़ से हिसार या फिर चंडीगढ़ से दिल्ली जाने वाले वाहन चालकों को भटकना पड़ता था।

इससे पहले 3 मार्च को बठिंडा में शुभकरण सिंह की अंतिम अरदास में किसान नेता सरवण सिंह पंधेर ने ऐलान किया कि 10 मार्च को दोपहर 12 से 4 बजे तक पूरे देश में ट्रेनें रोकी जाएंगी।

उधर, संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने 14 मार्च को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली महापंचायत की रूपरेखा बताई है। इसे किसान-मजदूर महापंचायत नाम दिया है। इसमें देशभर से किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली को छोड़ बसों, ट्रेनों व अन्य वाहनों से जाएंगे। महापंचायत के बाद सीधे घर लौटेंगे। 8 मार्च को महिला किसान संगठनों के साथ अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाएगा।

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