हरियाणा के सोनीपत में पुलिस ने नकली सब इंस्पेक्टर (SI) समेत 2 लोगों को गिरफ्तार किया है। फर्जी SI ने पुलिस की वर्दी डाली हुई थी और उसके पास नकली पिस्तौल भी थी। पुलिस ने जब उसका आईकार्ड चेक किया तो वह भी नकली मिला।
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कबूला कि उसने धौंस जमाने और वसूली करने के लिए पुलिस की वर्दी पहनी थी। पुलिस ने दोनों को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
आरोपियों की पहचान पानीपत के पठूर गांव के रहने वाले नरीन और राकेश के रूप में हुई है। नरीन प्राइवेट स्कूल में बस ड्राइवर है और उसका साथी राकेश किसान है।
सिटी थाना के सब इंस्पेक्टर संजय कुमार ने बताया कि मंगलवार को वह अपनी टीम के साथ सेक्टर-23 के 100 फुट रोड पर मौजूद थे। उन्हें सूचना मिली कि कार में 2 व्यक्ति बैठे हुए हैं। कंडक्टर सीट पर बैठे व्यक्ति ने सब इंस्पेक्टर की वर्दी पहनी हुई है।
पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर कार में बैठे दोनों लोगों ने पूछताछ की तो उन्होंने अपना नाम सब इंस्पेक्टर नरीन और राकेश बताया। जब नरीन से उसका आईकार्ड मांगा तो वह बात बदलने लगा। काफी देर बार उसने पुलिस टीम को अपना आईकार्ड दिखाया। जांच करने पर वह नकली मिला।
टीम ने दोनों से सख्ती से पूछताछ की तो नरीन ने बताया कि वह लोगों को धौंस जमाने और रेहड़ी फड़ी वालों से फ्री में खाने पीने की चीज लेने के लिए ऐसा करते हैं। उसने यह ड्रेस करनाल के मधुबन से खरीदी थी।
कार ड्राइवर से वसूली करते पकड़े गए नरीन के पिता जसमेर सिंह करीब 4 साल पहले सब इंस्पेक्टर (SI) पद से रिटायर हुए थे। नरीन का छोटा भाई अमेरिका गया हुआ है। नरीन मछरौली रोड स्थित एक प्राइवेट स्कूल में बस ड्राइवर है। दूसरा आरोपी राकेश अपने पिता के साथ खेतीबाड़ी करता है।
