हरियाणा की राजनीति में उस वक्त हलचल तेज हो गई जब सफीदों से बीजेपी विधायक रामकुमार गौतम के बयान पर पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें लीगल नोटिस भेज दिया। यह विवाद पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला को लेकर की गई टिप्पणी के बाद खड़ा हुआ है।
दुष्यंत बोले— ‘ओछी मानसिकता, समाज को बांटने वाला बयान’
दुष्यंत चौटाला ने कहा कि विधायक गौतम का बयान न केवल आपत्तिजनक है, बल्कि समाज को बांटने वाला भी है। उन्होंने कहा कि इस तरह की टिप्पणियों से ओम प्रकाश चौटाला के समर्थकों की भावनाएं आहत हुई हैं।
उन्होंने चौटाला को एक ऐसी शख्सियत बताया, जिन्होंने हर वर्ग के कल्याण के लिए काम किया।
क्या था पूरा विवादित बयान?
बीजेपी विधायक रामकुमार गौतम ने हाल ही में एक बयान में ओम प्रकाश चौटाला को लेकर विवादित टिप्पणियां की थीं।
उन्होंने दावा किया कि चौटाला ने अपने कार्यकाल में एक विशेष समुदाय के खिलाफ बातें कही थीं और राजनीतिक फैसलों में भेदभाव किया।
इनेलो नेताओं का पलटवार
इस मामले में संपत सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि स्वर्गीय चौटाला पर इस तरह के आरोप निराधार हैं और यह राजनीतिक स्तरहीनता को दर्शाता है।
उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बीजेपी पर हरियाणा के वरिष्ठ नेताओं की छवि खराब करने का आरोप लगाया।
वहीं, इनेलो के जिला अध्यक्ष जसबीर जस्सा ने भी विधायक गौतम पर निशाना साधते हुए उनके बयान को “गलत और सिखाया हुआ” बताया।
अजय चौटाला की भी प्रतिक्रिया
जजपा सुप्रीमो अजय चौटाला ने भी इस विवाद पर प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि रामकुमार गौतम कुछ भी कह सकते हैं और उनके बयानों को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है।
गौतम का पलटवार, दुष्यंत पर भी साधा निशाना
विवाद के बीच विधायक गौतम ने दुष्यंत चौटाला पर भी निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि दुष्यंत का मुख्यमंत्री बनने का सपना अधूरा रह गया और उन्होंने अपने राजनीतिक फैसलों पर भी सवाल उठाए।
सिरसा की सियासत में बढ़ा तापमान
इस पूरे घटनाक्रम के बाद सिरसा समेत हरियाणा की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है।
एक तरफ जहां दुष्यंत चौटाला कानूनी कार्रवाई की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर बीजेपी और इनेलो के नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।

