जींद के कैरखेड़ी गांव के श्मशान में दाह संस्कार के दौरान चिता में लकड़ी डालने पर एक युवक को जमकर पीटा गया। उसे जान से मारने की धमकी देते हुए जातिसूचक गालियां दी गईं। इसके बाद युवक को दोबारा घर में घुसकर लाठी-डंडों से पीटा गया। सदर थाना पुलिस ने इस मामले में 9 लोगों को नामजद कर लिया है और साथ ही 8 से 10 अन्य के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट सहित अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है।
कैरखेड़ी गांव के युवक अजय ने सदर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 6 अक्टूबर को उसके पड़ोस में एक व्यक्ति की मौत हो गई। उसने शमशान घाट में जाकर उसने चिता में लकड़ी डाली। तभी मृतक के परिजन पोलू, सुरेंद्र, सचिन ने एतराज करते हुए जातिसूचक गाली दीं। साथ ही उन्होंने मारपीट भी शुरू कर दी। वह बड़ी मुश्किल से उनके चंगुल से छूटकर एक मकान में जाकर छिप गया। उसके बाद पोलू, सुरेंद्र, सचिन, अमरदीप, चीना, सुमित, दीपक, मुकेश, संदीप तथा 8-10 अन्य उसे ढूंढते-ढूंढते वहां पहुंच गए। उन्होंने उसे मकान से निकालकर लाठी-डंडों से खूब पीटा। उसके द्वारा शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और उनके चंगुल से छुड़ाया।
परिजनों ने युवक को उपचार के लिए सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया, जहां गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। जांच अधिकारी डीएसपी पुष्पा खत्री ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में पोलू, सुरेंद्र, सचिन, अमरदीप, चीना, सुमित, दीपक, मुकेश, संदीप को नामजद करते हुए 8-10 अन्य के खिलाफ जातिसूचक गाली देने, मारपीट करने, जान से मारने की धमकी देने के आरोप में विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
