बोहर गांव के 36 वर्षीय वीरेंद्र नांदल उर्फ भौलर की दिल्ली में गोली मारकर हत्या कर दी गई। वीरेंद्र नांदल हरियाणा पुलिस में एसआई थे। इन दिनों उनकी पोस्टिंग करनाल की मधुबन अकादमी में थी। परिवार भी वहीं पर रह रहा था। बताया जा रहा है कि कुछ महीने पहले ही वीरेंद्र को डेपुटेशन पर एनआईएस पटियाला जूडो ट्रेनिंग के लिए भेजा था। वहां से स्पेशल परमिशन पर वीरेंद्र रोहतक के साई सेंटर पर प्रैक्टिस कर रहे थे।
करीब 1 हफ्ते पहले वो सेंटर से अपने घर जाने की बात कहकर गए थे। रविवार को दिल्ली में उनके साले दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल विक्रम ने अपने ही फ्लैट में गोली मारकर वीरेंद्र की हत्या कर दी। दोनों बीच 3 करोड़ के लेनदेन का विवाद था। वीरेंद्र के परिवार में पत्नी के अलावा एक बेटा और बेटी है।
वीरेंद्र के परिजनों के अनुसार उन्होंने करीब 2 साल पहले अपने साले विक्रम को दिल्ली के सफदरजंग एन्क्लेव में फ्लैट खरीदने के लिए 3 करोड़ रुपए दिए थे। 1 साल से वीरेंद्र अपने रुपए विक्रम से मांग रहा था। करीब 6 दिन से रुपयों के तकाजे को लेकर ही दिल्ली में विक्रम के पास रूके हुए थे। रविवार सुबह जब वो अपने कमरे में सो रहे थे तो विक्रम ने उनकी जान ले ली। फिर अपनी पत्नी को बताया। उसने ही पुलिस को कॉल की। बाद में विक्रम ने थाने में जाकर सरेंडर कर दिया।
वीरेंद्र नांदल की हत्या के आरोपी उनके साले विक्रम की पोस्टिंग दिल्ली के ग्रेटर कैलाश थाने में है। वीरेंद्र के घर पर ही डटने के बाद विक्रम ने शनिवार शाम को ही थाने से पिस्टल इश्यू कराई थी। इसके लिए उसने एक लूट केस में बदमाश को ट्रेस करने जाने का कारण बताया था। रविवार सुबह भी वो हत्या करने से पहले थाने में अपनी हाजिरी लगा कर आया था। इसके बाद सीधे घर पहुंचा और वीरेंद्र की सोते समय कनपटी पर एक गोली मारकर हत्या कर दी।
एसआई वीरेंद्र की हत्यारोपी कांस्टेबल विक्रम की गिनती दिल्ली पुलिस के बेहतरीन जवानों में होती है। कुछ माह पहले ग्रेटर कैलाश के एक अपार्टमेंट में लगी आग में बुजुर्गों और कई लोगों को बचा वो नेशनल लेवल पर सुर्खियों में रहा था। लेकिन अब अपने ही जीजा की हत्या का आरोप उसके ऊपर लगा है।
वीरेंद्र नांदल के शव काे सोमवार को दिल्ली में पोस्टमार्टम के बाद पैतृक गांव बोहर में लाया जाएगा। उनका राजकीय सम्मान के साथ यहां अंतिम संस्कार किया जाएगा।
