कोलकाता के आरजी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में डॉक्टर दुष्कर्म-हत्याकांड के विरोध में पीजीआई के रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल खत्म हो गई है। वीरवार को शाम को हड़ताल खत्म करने का फैसला लिया गया है। लगभग 10 दिन से चली आ रही डॉक्टर्स की हड़ताल को वीरवार शाम को खत्म हो गई। शुक्रवार से आम दिनों की तरह अब ओपीडी में मरीजों को इलाज मिलेगा। 

एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स (एआरडी) की तरफ से हड़ताल को वापस लेने पर सहमति जताई गई है। इसके बाद अब पीजीआई में तत्काल प्रभाव से सभी वैकल्पिक सेवाएं फिर से शुरू होंगी। हालांकि, डॉक्टरों ने लगातार बैठक, कैंडल मार्च और काली पट्टी बांध कर संघर्ष को जारी रखने की बात कही है।

शुक्रवार से सभी बाह्य रोगी विभागों (ओपीडी) में पुराने और नए रोगियों का पंजीकरण शुरू होगा। शुक्रवार से सुबह 8 बजे से 11 बजे तक मरीजों के कार्ड बनेंगे और फिर ओपीडी में डॉक्टर मरीजों का इलाज करेंगे। इससे पहले हड़ताल के चलते सिर्फ पुराने मरीजों का ही ओपीडी में इलाज हो रहा था, जबकि नए मरीजों का रजिस्ट्रेशन बंद कर दिया गया था।

बता दें कि पीजीआई की ओपीडी में एक दिन में लगभग 10 हजार नए पुराने मरीज इलाज के लिए आते हैं। पीजीआई में पंजाब, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड के अलावा यूपी और राजस्थान के लोग भी इलाज के लिए आते हैं। 

पीजीआई में रोजाना सात से नौ हजार मरीज ओपीडी में आते हैं लेकिन 11 दिन से चल रही रेजिडेंट डॉक्टरों की हड़ताल के चलते 50,000 से अधिक मरीज प्रभावित हुए, जिन्हें बिना इलाज के अस्पताल से लौटना पड़ा। पीजीआई प्रबंधन ने वीरवार शाम सभी सुविधाएं चलने को लेकर आदेश जारी किए। सभी आउटडोर पेशेंट डिपार्टमेंट में सुबह आठ से 11 बजे तक नए और पुराने का पंजीकरण होगा।
रेजिडेंट डॉक्टर की एसोसिएशन ने वीरवार दोपहर तीन बजे धरना स्थल पर जनरल बॉडी बैठक बुलाकर मुख्य न्यायाधीश की अपील पर तीन सप्ताह के लिए हड़ताल समाप्त करने का निर्णय लिया और कहा कि वह सीबीआई को मामले में जांच और केंद्र सरकार को उनकी मांगें पूरी करने के लिए समय दे रहे हैं। इस दौरान वह उनकी कार्रवाई पर नजर रखेंगे। तीन दिन में डॉक्टरों की ओर से टेंट में चलाई ओपीडी में 365 मरीज देखे गए। इसमें मंगलवार को 45, बुधवार को 200 और वीरवार को 120 मरीज देखे। वीरवार को ओपीडी में 5765 और इमरजेंसी ओपीडी में 304 मरीजों का पंजीकरण किया गया।

जीएमसीएच 32 के रेजिडेंट डॉक्टरों एसोसिएशन का कहना है कि सरकार के स्तर पर मांगों को पूरा करने का आश्वासन तो मिल गया है लेकिन उनके जीएमसीएच कालेज प्रशासन से भी कुछ मांगे हैं, जिसे पूरा करने से संबंधित सूचना शुक्रवार की सुबह कॉलेज प्रशासन के साथ हुई बैठक में मिलेगी। अगर बैठक में सकारात्मक निर्णय सामने आया तो वे अपनी हड़ताल तत्काल समाप्त कर कम पर लौट जाएंगे।

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