रोडवेज कर्मचारी संघ के राज्य प्रवक्ता सुधीर अहलावत ने सरकार से की कार्रवाई की मांग, कहा- यात्रियों की सुरक्षा से किसी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए
रोहतक। हरियाणा में सहकारी समितियों और अन्य निजी बसों के संचालन को लेकर हरियाणा रोडवेज संयुक्त कर्मचारी संघ ने सरकार और परिवहन विभाग से सख्त कार्रवाई की मांग की है। संघ के राज्य प्रवक्ता सुधीर अहलावत ने आरोप लगाया कि प्रदेश के कई क्षेत्रों में कुछ बसों का संचालन निर्धारित नियमों और परमिट की शर्तों के अनुरूप नहीं किया जा रहा, जिससे आम यात्रियों की सुरक्षा और परिवहन व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सुधीर अहलावत ने कहा कि सहकारी समिति की बसों के संचालन की नियमित जांच होनी चाहिए और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि प्रत्येक बस निर्धारित रूट, समय और परमिट की शर्तों के अनुसार ही संचालित हो। उन्होंने आरोप लगाया कि कई जगहों पर बसें मनमाने समय पर चलने, यात्रियों को निर्धारित सुविधाएं नहीं मिलने और नियमों की अनदेखी जैसी शिकायतें सामने आती रहती हैं।
उन्होंने कहा कि RTA/RTO और संबंधित परिवहन अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए, ताकि यात्रियों की शिकायतों का समय पर समाधान हो सके और नियमों का उल्लंघन करने वाले बस संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
बिना लाइसेंस या नियमों की अनदेखी पर कार्रवाई की मांग
अहलावत ने मांग की कि बसों में चालक और परिचालक के लाइसेंस, आवश्यक दस्तावेज, परमिट, फिटनेस तथा अन्य जरूरी मानकों की नियमित जांच की जाए। उनका कहना है कि यदि कोई वाहन निर्धारित नियमों के बिना संचालित पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। खासकर बुजुर्गों, विद्यार्थियों, महिलाओं और ग्रामीण क्षेत्रों से सफर करने वाले यात्रियों को सुरक्षित और निर्धारित समय पर परिवहन सुविधा मिलना जरूरी है।
निजी बसों के संचालन पर भी निगरानी की मांग
रोडवेज कर्मचारी संघ ने निजी बस संचालकों पर भी प्रभावी निगरानी की मांग की है। संगठन का कहना है कि जिन बसों को परमिट जारी किए गए हैं, उनका संचालन उसी रूट और निर्धारित शर्तों के अनुसार होना चाहिए। किसी भी प्रकार की मनमानी पाए जाने पर संबंधित संचालक के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
सरकार से रखी ये प्रमुख मांगें
सुधीर अहलावत ने सरकार और परिवहन विभाग से मांग की कि—
- सभी सहकारी समिति और निजी बसों की नियमित जांच करवाई जाए।
- बसों का संचालन निर्धारित रूट और समय के अनुसार सुनिश्चित किया जाए।
- RTA/RTO स्तर पर नियमित निरीक्षण की व्यवस्था मजबूत की जाए।
- बिना वैध दस्तावेज या नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर कार्रवाई की जाए।
- यात्रियों की शिकायतों के लिए प्रभावी शिकायत निवारण व्यवस्था बनाई जाए।
- नियमों की अवहेलना करने वालों पर जुर्माने और परमिट संबंधी कार्रवाई का प्रावधान प्रभावी रूप से लागू किया जाए।
- यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
अहलावत ने कहा कि जनहित और सुरक्षित यात्रा के लिए परिवहन नियमों का पालन जरूरी है। सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रदेश में संचालित प्रत्येक बस निर्धारित नियमों के तहत चले और यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी या असुरक्षा का सामना न करना पड़े।
गौरतलब है कि हाल ही में रोहतक-सोनीपत मार्ग पर सहकारी समिति की बसों के निर्धारित समय पर संचालन को लेकर भी शिकायतें सामने आई थीं, जिसके बाद परिवहन अधिकारियों ने कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
