हरियाणा में 24 नवंबर को होने वाले GT रोड को किसान जाम नहीं करेंगे। गृह मंत्री अनिल विज और किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी की मुलाकात के बाद यह फैसला लिया गया। गुरनाम चढ़ूनी ने बताया कि सरकार किसानों की सभी मांगों को मानने के लिए तैयार है। आंदोलन के दौरान जितने भी केस किसानों पर दर्ज हैं वह सरकार रद करेगी। साथ ही पूर्व में दर्ज 32 केस भी वापस होंगे।

गृह मंत्री अनिल विज के साथ वार्ता करते किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी।

भारतीय किसान यूनियन (चढ़ूनी) के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने चंडीगढ़ में ऐलान किया था कि हरियाणा सरकार की ओर से आंदोलन के दौरान दर्ज केस वापस न लेने के विरोध में 24 नवंबर को अंबाला में GT रोड जाम किया जाएगा। इससे पहले किसानों की रेलवे ट्रैक जाम करने की योजना थी, लेकिन रेलवे के द्वारा केस वापस लिए जाने के बाद GT रोड जाम करने का फैसला लिया है।

आपको बता दें कि गुरनाम सिंह चढूनी ने सुबह ही वीडियो जारी कर कहा था कि सभी किसान साथी अलर्ट पर रहे। उन्होंने कहा था कि यदि सरकार 24 तारीख को होने वाले प्रोग्राम से पहले किसी भी पदाधिकारी, कार्यकर्ता या हमारे किसी नेता को गिरफ्तार करती है या कल किसान साथियों को मोहड़ा मंडी में पहुंचने से रोकते हैं तो पूरा हरियाणा, पंजाब जाम कर देना।

गौरतलब है कि हरियाणा सरकार ने किसान आंदोलन के दौरान करीब 294 केस दर्ज किए थे। इसके अलावा आंदोलन के पहले के भी कुछ केस पेंडिंग थे। जिसको लेकर किसान नाराज चल रहे हैं। साल 2020 में 24 नवंबर के दिन ही दिल्ली कूच के लिए यहीं से बैरिकेड तोड़ने की शुरुआत की थी। दर्ज हुए मामले 2 साल बाद भी वापस नहीं लिए जाने के विरोध में 24 यानि कल मोहड़ा में भाकियू के गुरनाम सिंह चढूनी गुट ने एनएच-44 को जाम करने की चेतावनी दी थी।

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