हरियाणा में इस बार ठंड रिकॉर्ड तोड़ सकती है। मौसम का मिजाज देखकर वैज्ञानिक अभी से इसका अंदाजा लगाने में लगे हुए हैं। हरियाणा आईएमडी के मौसम वैज्ञानिक डॉ. शिवेंद्र सिंह ने बताया कि इस बार तापमान औसत से कम बना हुआ है। इसका कारण अक्टूबर के शुरुआती सप्ताह में हुई बारिश है।

हरियाणा में अभी न्यूनतम तापमान 15.5 डिग्री तक पहुंच गया है, अगर तापमान 10 डिग्री या इससे कम हो जाता है, तो इस बार 15 साल का रिकॉर्ड टूट सकता है। हरियाणा में पिछले 15 साल में 2020 में 28 अक्टूबर को तापमान 10.9 डिग्री दर्ज किया था, जो 2010 के बाद सबसे कम था।

हरियाणा में पश्चिमी विक्षोभ के कारण करीब 30 एमएम बारिश हुई थी। जो अपने आप में रिकॉर्ड है। आमतौर पर इस दौरान 4 एमएम बारिश होती है, मगर इस बार 649 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है।

इससे पहले 2004 में पूरे अक्टूबर में 58.4 एमएम बारिश हुई थी। मौसम वैज्ञानिक डॉ. शिवेंद्र सिंह ने बताया कि बारिश के कारण हरियाणा के अधिकांश जिलों में तापमान सामान्य से नीचे चला गया है।

पहाड़ों पर बर्फबारी के बाद हरियाणा के मैदानी इलाकों में रात के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। उत्तर-पश्चिम हवाओं के कारण गुरुग्राम और हिसार में न्यूनतम तापमान सबसे कम रहा, जिससे ठंड का एहसास होने लगा है।

मौसम विभाग के अनुसार, हिसार और नारनौल में न्यूनतम तापमान 15.5 डिग्री सेल्सियस रहा। जो सामान्य से करीब 1.5 डिग्री कम है। वहीं नूंह में अधिकतम तापमान 33.4 डिग्री सेल्सियस रहा। यमुनानगर में अधिकतम तापमान 27.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग 6 डिग्री कम है

चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के आगे बढ़ने से 17 अक्टूबर तक मौसम आमतौर पर शुष्क रहने की संभावना है।

उन्होंने कहा कि दिन में धूप और रात में ठंडक बढ़ने से यह मौसम सरसों की फसलों की बुआई के लिए बिल्कुल उपयुक्त है। किसानों को इस मौसम में सरसों की अच्छी किस्म की बुआई करनी चाहिए, ताकि पैदावार अच्छी हो।

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