रोहतक के नाड़ी वैद्य के खिलाफ बिहार के मधेपुरा कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी हुआ है। आरोप है कि नाड़ी वैद्य की दवाई लेने से एक व्यक्ति का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है। परिवार के लोगों ने नाड़ी वैद्य के खिलाफ बिहार कोर्ट में केस कर रखा है, जिसमें पेश न होने पर वारंट जारी किए गए है।
पीड़ित परिवार के प्रशांत कुमार से मिली जानकारी के अनुसार उसके भाई सतीश कुमार को मिर्गी की बीमारी थी। बीमारी का इलाज करवाने के लिए नाड़ी वैद्य सत्यप्रकाश से मिले। सत्यप्रकाश ने उसके भाई को 3 बार दवाई दी। दवाई खाने के बाद उसके भाई सतीश कुमार का मानसिक संतुलन बिगड़ गया और उसकी हालत अब तक सही नहीं हुई है।
प्रशांत कुमार के मुताबिक नाड़ी वैद्य की तरफ से उसके खिलाफ एक झूठा मुकदमा रोहतक कोर्ट में दिया गया, जिसमें गाली गलौज करने व परेशान करने की बात कही। जबकि नाड़ी वैद्य ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी है। नाड़ी वैद्य की तरफ से कोर्ट में किया केस भी आज खारिज हो गया है।

परिवार का दावा- इस दवाई को लेने से सतीश की बिगड़ी तबीयत।
प्रशांत कुमार के मुताबिक नाड़ी वैद्य सत्यप्रकाश ने उन्हें आश्वासन दिया था कि उसका भाई सतीश बिल्कुल ठीक हो जाएगा और ठीक नहीं हुआ तो पैसे वापस कर देंगे। जब नाड़ी वैद्य की दवाइयां दूसरे डॉ. प्रणव प्रकाश को दिखाई तो उसने कहा कि मिर्गी की दवाई का गलत प्रयोग हुआ है, जिसे तुरंत बंद कर दें।

रोहतक कोर्ट सुनवाई के दौरान पहुंचे नाड़ी वैद्य।
प्रशांत कुमार के मुताबिक नाड़ी वैद्य सत्यप्रकाश को बिहार के मधेपुरा की कोर्ट से 15 दिन का समय दिया गया है। अगर 15 दिन में खुद सरेंडर नहीं किया तो उसे अरेस्ट कर लिया जाएगा। नाड़ी वैद्य की तरफ से उसे प्रलोभन भी दिए जा रहे हैं, ताकि वह अपना केस वापस ले। उन्होंने कहा कि सतीश की हालत के लिए जिम्मेदारी नाड़ी वैद्य को सजा दिलाने के लिए पूरा प्रयास किया जा रहा है।
