रोहतक रेलवे स्टेशन पर महाकुंभ जाने वाले यात्रियों के बीच अफरातफरी मच गई। यह वारदात त्रिपुरा सुंदरी एक्सप्रेस में चढ़ने को लेकर हुई। इसमें कुछ यात्री घायल भी हुए हैं। ये यात्री मौनी अमावस्या के दिन त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाने के लिए जाने वाले थे।
यात्रियों का कहना है कि ट्रेन के दरवाजे अंदर से बंद किए हुए थे। स्टेशन पर भीड़ ज्यादा थी और सभी को ट्रेन पकड़ने की पड़ी थी। इसलिए, लोगों में आपस में ही खींचतान हो गई और ट्रेन में नहीं चढ़ पाए। इसी खींचतान में लोग घायल हुए हैं।
मौके पर सुरक्षा के लिए कोई पुलिस अधिकारी या रेलवे स्टाफ मौजूद नहीं था, जिससे ट्रेन के दरवाजे नहीं खुलवाए गए। वहीं, लोगों ने ट्रेन की खिड़की का शीशा तोड़ चढ़ने का प्रयास किया था। हालांकि, इसमें सफलता नहीं मिली।

ट्रेन का रिजर्वेशन लेकर आई महिला यात्री ने कहा कि हमारी ट्रेन छूटी नहीं, बल्कि छोड़ने के लिए मजबूर किया गया है। अंदर बैठे लोगों ने खिड़की ही नहीं खोली। हमने टिकट ले रखी है और सीट भी रिजर्व है। इसके बाद भी हम ट्रेन में चढ़ नहीं पाए।
इस मामले में रोहतक के स्टेशन मास्टर बलराम मीणा ने बताया है कि प्रयागराज के लिए सुबह कालिंदी एक्सप्रेस ट्रेन रोहतक से होकर गुजर रही है। यात्री उस ट्रेन को यहां से पकड़ रहे हैं। यात्रियों की भीड़ को कंट्रोल करने के लिए हमने प्लेटफॉर्म पर स्टाफ लगाया है। यात्रियों को कोई परेशानी नहीं होने दी जा रही।
वहीं, GRP के SI जोगेंद्र सिंह ने बताया है कि प्रयागराज जाने वाली ट्रेन में भीड़ अधिक हो रही है। ऐसे में यात्रियों को सुरक्षित ट्रेन में चढ़ाया जा रहा है। महिलाओं और बच्चों के लिए महिला स्टाफ प्लेटफॉर्म पर तैनात है। यात्री भी संयम से काम लेते हुए सुरक्षित सफर करें।
