हरियाणा के रोहतक में भाजपा नेत्री दीपिका नारा के पति प्रदीप नारा का सुसाइड नोट सामने आ गया है। इसमें प्रदीप तीन लोगों को अपनी मौत का जिम्मेदार बताया है

उधर, पुलिस ने इसी सुसाइड नोट और मृतक के पिता देवेंद्र नारा की शिकायत के आधार पर परिवार से ही जुड़े 10 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया, जिसमें इन तीनों लोगों के नाम भी हैं। गुरुवार को यह एफआईआर दर्ज होने के बाद ही परिवार ने प्रदीप के शव का शाम को अंतिम संस्कार किया।

प्रदीप के सुसाइड नोट में ये बातें लिखीं… “मेरी मृत्यु के लिए महेंद्र सिंह, रोहित व महिपाल सिंह जिम्मेदार हैं। सेफ्ट 2025 में जमा किए बिल लगभग 2.88 करोड़ की पेमेंट अब तक नहीं की। पैसे मांगने पर दिसंबर 2025 में मुझे होटल से अगवा कर जान से मारने की कोशिश की। उमरिया मध्य प्रदेश में उसके बाद मेरे प्लॉट जो कटनी में है ,उसको अपने आप से डिस्प्यूट बताने लगे। कहीं मैं प्लाट को बेचकर कर्ज मुक्त ना हो जाऊं।पेमेंट देने के समय अब चेक बाउंस करवाए। इन्होंने जानबूझकर ऐसे हालात पैदा कर दिए ताकि मैं मरने पर मजबूर हो जाऊं। इनके साथ जो उमरिया केस में अन्य आरोपी है, वह भी जिम्मेदार है। मुझे पुलिस प्रशासन और कानून पर पूरा भरोसा है, जो इन पर सख्त कार्रवाई कर इनको सजा देगा।”

बता दें कि प्रदीप ने 30 सितंबर की शाम अंबेडकर चौक स्थित कांग्रेस भवन के बाहर सफेद रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी में लाइसेंसी पिस्तौल से गोली मारकर सुसाइड कर लिया था। मौके पर पहुंचे परिवार ने इसे मर्डर बताया था। 32 करोड़ रुपए हड़पने का भी जिक्र किया था।

प्रदीप के पिता के मुताबिक मध्य प्रदेश में हुआ पूरा घटनाक्रम.

17 दिसंबर 2025 को मध्य प्रदेश में हुआ हमला :- मृतक प्रदीप के पिता देवेंद्र नारा के मुताबिक 17 दिसंबर 2025 को प्रदीप मध्य प्रदेश के उमरिया के होटल में रूका हुआ था। आरोपी रोहित अन्य 6-7 लोग के साथ वहां आया और प्रदीप को होटल से उठाकर ले गए। आरोपियों ने प्रदीप के साथ मारपीट की।

बिजनेस हड़पने के लिए जान से मारने की कोशिश : देवेंद्र नारा के मुताबिक जब आरोपियों ने प्रदीप को होटल से उठाया तो दो गाड़ी आगे और एक गाड़ी पीछे थी। बीच वाली गाड़ी में आरोपी प्रदीप को लेकर गए थे। आरोपियों की मंशा प्रदीप को जान से मारने की थी, ताकि सारे बिजनेस को हड़प सके।

देवेंद्र नारा के मुताबिक आरोपियों द्वारा की गई मारपीट के बाद जब प्रदीप बेहोश हो गया तो आरोपियों ने उसे मरा हुआ समझ लिया और जंगल में जानवरों के लिए फेंक दिया। प्रदीप को करीब 4 घंटे बाद होश आया था, जिसके बाद वह जख्मी हालत में कई किलोमीटर तक पैदल चलकर आया।

देवेंद्र नारा के मुताबिक प्रदीप पर हुए हमले के बाद शिवाजी कॉलोनी थाने में 2 जनवरी 2026 को आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करवाया। पुलिस ने जीरो एफआईआर दर्ज करते हुए केस उमरिया जिले के थाने में भेज दिया। उस एफआईआर पर पुलिस ने आज तक कोई कार्रवाई नहीं की।

रोहतक में BJP नेत्री के वकील पति की मौत, सुसाइड नोट से सामने आया ₹32 करोड़ का विवाद

रोहतक: शहर के अंबेडकर चौक स्थित कांग्रेस भवन के बाहर बुधवार रात एक स्कॉर्पियो गाड़ी में एडवोकेट प्रदीप नारा का गोली लगा शव मिलने से सनसनी फैल गई। प्रदीप नारा भाजपा की पूर्व पार्षद दीपिका नारा के पति थे। पुलिस की शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का बताया गया है। मौके से लाइसेंसी पिस्तौल भी बरामद हुई थी। वहीं, परिवार ने इसे हत्या बताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं।

₹32 करोड़ के लेन-देन का विवाद

परिजनों के अनुसार, पूरा विवाद मध्य प्रदेश में कंस्ट्रक्शन के काम और करीब ₹32 करोड़ के चेक/लेन-देन से जुड़ा हुआ था। रिपोर्टों में बताया गया है कि इसमें प्रदीप नारा की फर्म से जुड़े करीब ₹17.70 करोड़ के चेक भी शामिल थे। परिवार का आरोप है कि पैसे मांगने को लेकर उन्हें लगातार धमकियां मिल रही थीं।

परिवार का यह भी आरोप है कि कुछ दिन पहले आरोपियों ने घर पहुंचकर उन्हें धमकियां दी थीं, जिसके बाद परिवार मध्य प्रदेश से अपना काम छोड़कर रोहतक आ गया था। प्रदीप कथित तौर पर चेक बाउंस से संबंधित दस्तावेज अपने वकील को देने के लिए निकले थे, लेकिन बाद में उनका शव स्कॉर्पियो में मिला।

फिलहाल पुलिस सुसाइड नोट, FIR, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। परिवार द्वारा लगाए गए हत्या और धमकी के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

देवेंद्र नारा ने बताया कि आरोपियों ने उन्हें पेमेंट के चेक दे रखे थे, जिसमें से प्रदीप नारा की कंपनी पीके कंस्ट्रेक्शन के 17 करोड़ 70 लाख व उसके 14 करोड़ 38 लाख रुपए के चेक शामिल हैं। करीब डेढ़ लाख रुपए का चेक 25 सितंबर को लगाया था, जो क्लीयर हो गया।

देवेंद्र नारा ने कहा कि जब मोटी रकम के चेक बैंक में लगाए तो पता चला कि आरोपियों के खाते में पैसे नहीं है। इसके बाद जब 28 सितंबर को दोबारा चेक लगाए तो आरोपियों ने पेमेंट को रूकवा दिया, जिसके कारण चेक बाउंस हो गए। चेक बाउंस होने का केस वह कोर्ट में करना चाहते थे, जिसके लिए कोर्ट में वकील को फाइल देने गए थे।

आर्य नगर थाना एसएचओ सुशील कुमार ने बताया कि मृतक के परिजनों की शिकायत पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने की धारा में 10 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इनमें रोहित नारा, महेन्द्र नारा उर्फ महेन्द्र सिंह, हर्ष नारा, दीपक नारा, अजय नारा, अभिमन्यु नारा, महिपाल नारा उर्फ महिपाल सिंह, महाबीर सहावत, सविन्द्र और आशीष पांडेय शामिल हैं।

पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही है, ताकि पूरे मामले का खुलासा किया जा सके।

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