सिरसा: हरियाणा में दूध के खरीद रेट बढ़ाने की मांग को लेकर चल रहे तीन दिवसीय दूध बंद का आज दूसरा दिन है। किसानों और पशुपालकों ने सिरसा के वीटा मिल्क प्लांट के बाहर अपना धरना जारी रखा है। पहले दिन किसानों ने करीब 7 घंटे तक प्लांट के मुख्य गेट पर प्रदर्शन किया और दूध की गाड़ियों को रोकने की कोशिश की
किसानों की मांग है कि गाय के दूध का रेट 80 रुपये और भैंस के दूध का रेट 100 रुपये प्रति लीटर किया जाए। किसानों ने 1 से 3 अक्टूबर तक दूध की खरीद-बिक्री और सप्लाई रोकने का आह्वान किया है।
आंदोलन को डेयरी यूनियन और पशुपालकों के समर्थन की बात भी सामने आई है। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार और डेयरी संस्थाओं की ओर से ठोस निर्णय नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।
राज्य के कुछ अन्य हिस्सों में भी फिलहाल दूध की सप्लाई सामान्य रहने का दावा किया गया है। हालांकि गांवों में कई दुग्ध समितियों और डेयरियों पर हड़ताल का असर दिखाई दिया है।
किसानों का आंदोलन आज दूसरे दिन भी जारी है, जबकि वीटा प्रबंधन का दावा है कि उपभोक्ताओं तक दूध की सप्लाई फिलहाल प्रभावित नहीं हुई है।
- कुरुक्षेत्र: वीटा प्लांट के सेल्स मैनेजर देव त्यागी ने बताया था कि उनके पास करनाल, कुरुक्षेत्र और कैथल तीन जिले हैं। किसानों की दूध बंद की कॉल का कोई फर्क नहीं है। रोज 13-14 हजार लीटर दूध सप्लाई होता है। अभी पितृ पक्ष के चलते दूध की सप्लाई थोड़ी कम है, लेकिन रोज सप्लाई कम ज्यादा होती है। इसमें करीब 1 हजार लीटर का कम या ज्यादा हो जाता है।
- जींद : वीटा मिल्क प्लांट के सीईओ नरेंद्र धानिया ने बताया कि हमारे यहां दूध की सप्लाई में कोई कमी नहीं आई है। प्रतिदिन करीब 1 लाख 36 हजार लीटर की सप्लाई होती है। पशुपालकों (किसानों) की कॉल का जींद में फिलहाल कोई असर नहीं है।
- अंबाला: सेकटर-9 के वीटा मिल्क बूथ हेड गुरुप्रीत सिंह का कहना है कि किसानों ने जो कॉल बुलाई है, उसका असर अभी तक नहीं पड़ा। हालांकि इनका कहना है कि कल और परसों इस चीज का असर लोगों को देखने को मिलेगा।
उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, हरियाणा में रोजाना करीब 3.4 से 3.5 करोड़ लीटर दूध का उत्पादन होता है। इसमें लगभग 50 से 60 लाख लीटर दूध संगठित डेयरी नेटवर्क और ब्रांडेड प्लांटों के जरिए प्रोसेस होकर बाजार तक पहुंचता है।
प्रदेश में वीटा के रोहतक, जींद, अंबाला, सिरसा, कुरुक्षेत्र और बल्लभगढ़ में मिल्क प्लांट हैं। इसके अलावा अमूल, मदर डेयरी और निजी कंपनियां भी अलग-अलग क्षेत्रों में दूध का संग्रह और वितरण करती हैं। निजी क्षेत्र में लक्ष्य डेयरी, नमस्ते इंडिया, नेस्ले और कंट्री डिलाइट जैसी कंपनियां भी दूध संग्रह और वितरण का काम करती हैं।

