हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री के बैकग्राउंड डांसरों का आंदोलन जारी है। इस बीच बैकग्राउंड डांसर सिम्मी ने हरियाणवी कलाकारों के समर्थन को लेकर सवाल उठाए हैं।
सिम्मी का कहना है कि हरियाणवी डांसर एवं सिंगर सपना चौधरी ने सोशल मीडिया के माध्यम से आंदोलन का समर्थन करते हुए डांसरों के बीच आने और उनकी मांगों का साथ देने का आश्वासन दिया था। हालांकि, उनके अनुसार एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद सपना चौधरी अब तक आंदोलन स्थल पर नहीं पहुंचीं।
सिम्मी ने यह भी दावा किया कि केडी देसी रॉक सहित कई कलाकारों ने सोशल मीडिया पर समर्थन जताया, लेकिन आंदोलन को जमीनी स्तर पर अपेक्षित सहयोग नहीं मिला। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर समर्थन व्यक्त करना और आंदोलन में वास्तविक रूप से शामिल होना, दोनों अलग-अलग बातें हैं।
फिलहाल, सपना चौधरी या केडी देसी रॉक की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
बैकग्राउंड डांसर सिम्मी ने सोशल मीडिया पर नया वीडियो जारी कर दावा किया है कि आंदोलन शुरू हुए एक महीने से ज्यादा समय बीत चुका है, लेकिन उनकी प्रमुख मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
बैकग्राउंड डांसर सिम्मी ने आरोप लगाया कि हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री में काम करने वाले बैकग्राउंड डांसर आज भी कम पारिश्रमिक, लंबे कार्य घंटे, सुरक्षा की कमी और बुनियादी सुविधाओं के अभाव जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं।
उन्होंने दावा किया कि हाल ही में पारिश्रमिक में केवल 200 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जिसे उन्होंने अपर्याप्त बताया। सिम्मी के अनुसार, पहले बैकग्राउंड डांसरों को 1,000 रुपये मिलते थे, जबकि अब यह राशि बढ़ाकर 1,200 रुपये की गई है, जो उनके मुताबिक “समस्या का समाधान नहीं, बल्कि एक मजाक” है।
सिम्मी ने यह भी आरोप लगाया कि हरियाणवी फिल्म और म्यूजिक इंडस्ट्री में जूनियर कलाकारों और बैकग्राउंड डांसरों का शोषण किया जाता है। उनका कहना है कि आवाज उठाने पर सोशल मीडिया से टिप्पणियां हटाई जाती हैं। उन्होंने दावा किया कि कई बार कलाकारों से 18-18 घंटे तक काम कराया जाता है, बदले में केवल 800 रुपये दिए जाते हैं और पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधा भी उपलब्ध नहीं कराई जाती।
हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित कलाकारों या इंडस्ट्री से जुड़े पक्षों की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
हरियाणवी बैकग्राउंड डांसर सिम्मी ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर कहा कि बैकग्राउंड डांसरों की पेमेंट बढ़ाने, वर्किंग आवर्स तय करने, बेहतर वर्किंग कंडीशन और सुरक्षा जैसी मांगों को लेकर पिछले एक महीने से मुहिम चलाई जा रही है। उनका दावा है कि आंदोलन शुरू हुए एक महीना बीत चुका है, लेकिन अभी तक कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया।
सिम्मी ने कहा कि उनकी पेमेंट में केवल मामूली बढ़ोतरी की गई है। उनका कहना है कि यदि इतनी ही राशि बढ़ानी थी तो प्रोड्यूसर पहले भी बढ़ा सकते थे। इसके लिए आंदोलन करने और आवाज उठाने की जरूरत ही नहीं पड़ती।
सिम्मी ने आरोप लगाया कि शूटिंग खत्म होने के बाद देर रात घर लौटने के लिए किसी तरह की सुरक्षा व्यवस्था नहीं होती। न कलाकारों के लिए कैब उपलब्ध कराई जाती है और न ही सुरक्षित घर पहुंचाने की कोई व्यवस्था होती है। उनके अनुसार यह महिला कलाकारों के लिए सबसे बड़ा सुरक्षा का मुद्दा है।
सिम्मी ने कहा कि सपना चौधरी ने करीब 25 दिन पहले सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर भरोसा दिया था कि दिल्ली पहुंचने के बाद वह सबसे पहले बैकग्राउंड डांसरों के बीच आकर आंदोलन में शामिल होंगी। सिम्मी का दावा है कि इसके बाद अब तक सपना चौधरी की ओर से कोई बातचीत या संपर्क नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि उन्हें यह भी नहीं पता कि भविष्य में सपना उनकी मांगों के समर्थन में आएंगी या नहीं।
सिम्मी ने कहा कि कई बड़े कलाकारों ने सोशल मीडिया पर तन-मन-धन से सहयोग देने की बात कही थी, लेकिन अब तक किसी प्रकार की वास्तविक मदद नहीं मिली। उनके अनुसार ऑनलाइन समर्थन और जमीनी स्तर पर साथ देने में बड़ा अंतर है।
सिम्मी ने कहा कि आंदोलन के दौरान कई बड़े DOP, कलाकार और डायरेक्टर सोशल मीडिया पर बैकग्राउंड डांसरों के समर्थन में सामने आए थे। उस समय उन्हें उम्मीद थी कि उनकी आवाज को मजबूती मिलेगी और उनकी समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस पहल होगी। हालांकि, उनका दावा है कि जमीनी स्तर पर कोई विशेष बदलाव नहीं हुआ और समर्थन जताने वाले अधिकांश लोग बाद में सक्रिय नजर नहीं आए।
सिम्मी के अनुसार, हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री में कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण बैकग्राउंड डांसरों की एक मजबूत और प्रभावी यूनियन बनाना आसान नहीं है। इसके बावजूद उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में ऐसा संगठन बने, जो समय-समय पर बैकग्राउंड डांसरों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाए और उनके समाधान के लिए प्रयास करे।
सिम्मी ने कहा कि इंडस्ट्री में कई बैकग्राउंड डांसर 20-20 साल से काम कर रहे हैं, जबकि उन्होंने खुद आठ साल तक काम किया है। इसके बावजूद उनकी जिंदगी में कोई बदलाव नहीं आया। आज भी वही पुराने वर्किंग आवर्स और वही पुरानी सुविधाएं हैं। सिम्मी का दावा है कि केवल करीब 20 प्रतिशत प्रोड्यूसर और डायरेक्टर ही शूटिंग के दौरान बैकग्राउंड डांसरों की देखभाल करते हैं। बाकी 80 प्रतिशत लोग भोजन जैसी बुनियादी सुविधा भी उपलब्ध नहीं कराते।

