रोहतक पुलिस की एसडीयू स्टाफ की टीम ने नशीले पदार्थो की तस्करी करने वालो के खिलाफ कार्यवाही करते हुये ट्रक मे सवार दो युवको को भारी मात्रा मे
नशीले पदार्थो सहित काबू किया गया है। ट्रक मे से कुल 544 किलो 08 ग्राम डोडा पोस्त बरामद हुआ है। दोनो आरोपियो को पेश अदालत किया गया है। अदालत के आदेश पर आरोपियो को 7 दिन पुलिस रिमांड पर हासिल किया गया है। आरोपियो के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत अभियोग अंकित कर कार्यवाही की गई है।
पुलिस अधीक्षक श्री गौरव राजपुरोहित ने प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुये बताया कि स.उप.नि. कृष्ण कुमार के नेतृत्व मे एसडीयू स्टाफ की टीम कलानौर बस स्टैंड के पास गश्त मे मौजूद थी। दौराने गश्त सूचना मिली की मध्यप्रदेश निवासी दो युवक नशीला पदार्थ बेचने का काम करते है जो 152-डी नेशनल हाइवे पुल के नीचे नजदीक खरैडी मोड के पास ट्रक मे नशीला पदार्थ लिये हुये खडे है। सूचना के आधार पर तुंरत कार्यवाही करते हुये ट्रक न.आरजे09जीडी-2253 मे सवार बैठे दो युवको को शक के आधार पर काबू किया गया। युवको की पहचान जानकी लाल पुत्र मांगीलाल निवासी नांदना, मध्यप्रदेश व सुकसेन पुत्र बरतू निवासी अमेरा, मध्यप्रदेश के रुप में हुई। नियमानुसार तलाशी लेने पर ट्रक मे से 22 प्लास्टिक के कट्टे मिले जिनसे कुल 544 किलो 08 ग्राम डोडा पोस्त बरामद हुआ है। आरोपियो के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत थाना कलानौर मे अभियोग संख्या 212/2026 अंकित किया गया है। आरोपियो से गहनता से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक गौरव राजपुरोहित ने आगे बताया कि इस साल एनडीपीएस एक्ट के तहत 60 मामले दर्ज कर 110 आरोपियो को गिरफ्तार किया गया है। इसी दौरान 24 मामलो मे नशीले पदार्थ उपलब्ध करवाने वाले 29 युवको को भी गिरफ्तार किया गया है। जनवरी 2026 से 20 जुलाई 2026 तक 17 किलो 392 ग्राम अफीम, 47 किलो 800 ग्राम चरस, 1277 किलो 738 ग्राम पोप्पी हस्क, 838 ग्राम हैरोईन, 238 किलो 663 ग्राम गांजा, 1 ग्राम एमडीएमए बरामद हुआ है।
साल 2025 मे जनवरी से जुलाई तक 61 मामले दर्ज कर 116 आरोपियो को गिरफ्तार किया गया था। इस दौरान 5 किलो 911 ग्राम अफीम, 9 किलो 746 ग्राम चरस, 991 किलो 434 ग्राम पॉप्पी हस्क, 890 ग्राम हैरोईन, 42 किलो 547 ग्राम गांजा, 149 बोतल विनेरक्स, 150 टेबलट, 7 किलो 480 ग्राम अफीम प्लांट बरामद हुये थे।
रोहतक पुलिस द्वारा निरंतर नशीले पदार्थो की तस्करी करने वालो के खिलाफ कार्यवाही की जा रही है। इसके अतिरिक्त मादक पदार्थों की तस्करी कर अर्जित की गई रकम से अवैध रूप से बनाए गए मकानों को भी कानूनी प्रक्रिया अपनाते हुए गिराया जा चुका है। इसके अतिरिक्त तस्करों की संपत्ति को कुर्क भी किया जा चुका है।
