पुलिस अधीक्षक श्री उदय सिंह मीना ने बताया कि साइबर अपराधी हर दिन ठगी के नए-2 हथकंडे अपना रहे है। साइबर अपराधी मोबाइल चार्जर या यूएसबी चार्जर के जरिए आपका डाटा हैक या कॉपी कर बिना ओटीपी व कॉल के आपके खाते से बडी रकम उडा लेते है।
उन्होने बताया कि साइबर अपराधी चार्जर इस मोडस ऑपरेंडी में चार्जर (बिल्कुल समान मार्क/मॉडल) को पहले बदल दिया जाता है और उस बदले हुए चार्जर में एक माइक्रो-चिप पहले से ही लगा दी जाती है और सारा डेटा आपका कॉपी या हैक कर लिया जाता है। जिसका पता लगाना बहुत मुश्किल होता है। पूरी मोबाइल बैंकिंग हैक कर खाते से पैसे आसानी से निकाल लेते है। इसलिए आमजन चार्जर और यूएसबी कॉर्ड पर खास नजर रखें। उन्हें अपने कार्यालय में पीछे न छोड़ें व किसी और का मोबाइल इस्तेमाल न करें और न ही किसी अनजान जगह पर अपना मोबाइल चार्ज करें। आगे उन्होने कहा कि हवाई अड्डे/मॉल/क्लब आदि में लटकते चार्जर/मुफ्त चार्जिंग से कभी भी मोहित न हों।
और जब आप विदेश जाते हैं, तो कभी भी मॉल/रेस्तरां/पर्यटक कोच आदि में मुफ़्त वाई-फ़ाई पासवर्ड के झांसे में न आएं। किसी भी प्रकार की वित्तीय या ऑनलाइन धोखाधड़ी होने पर 1930 पर या डायल 112 पर कॉल करके या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल https//www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज करवाएं या आपके संबंधित थाने में स्थापित साईबर हेल्पडेस्क पर या साइबर थाना रोहतक मे शिकायत दे।
