रोहतक में प्रदीप नारा की आत्महत्या के मामले में नया मोड़ सामने आया है। मृतक के परिजन सोमवार को रोहतक के एसपी से मिलने पहुंचे और मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की। परिजनों ने मामले में पार्टनरशिप विवाद और ₹32 करोड़ की कथित मांग का आरोप लगाया है।

परिजनों का आरोप है कि प्रदीप नारा को पार्टनरशिप से जुड़े विवाद को लेकर मानसिक दबाव का सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने पुलिस के सामने मृतक के जीजा की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए हैं और पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।

परिजनों के मुताबिक, विवाद के पीछे बड़ी रकम से जुड़ा मामला था। उनका दावा है कि प्रदीप से कथित तौर पर ₹32 करोड़ की मांग की जा रही थी। इसी विवाद के चलते वह तनाव में था और आखिरकार उसने आत्महत्या कर ली।

परिजनों ने एसपी से मुलाकात कर मामले में सामने आए आरोपों, पैसों के लेन-देन और पार्टनरशिप से जुड़े दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की। उन्होंने दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग भी रखी।

हालांकि, ₹32 करोड़ की मांग और मृतक के जीजा पर लगाए गए आरोप फिलहाल परिजनों की शिकायत पर आधारित हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच और अन्य पक्षों के बयान के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

रोहतक में पूर्व पार्षद दीपिका नारा के पति एडवोकेट प्रदीप नारा की आत्महत्या के मामले में अब दूसरा पक्ष भी सामने आया है। दूसरे पक्ष के लोगों ने एसपी से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उनका कहना है कि मामले में किसी तीसरे पार्टनर की भूमिका की भी जांच की जानी चाहिए, जिसके साथ करीब दो साल पहले ही पार्टनरशिप समाप्त होने की बात सामने आई है।

बता दें कि 30 सितंबर की शाम प्रदीप नारा ने अंबेडकर चौक स्थित कांग्रेस भवन के बाहर अपनी सफेद रंग की स्कॉर्पियो गाड़ी में लाइसेंसी पिस्तौल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। सूचना मिलने के बाद आर्य नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की।

पुलिस ने मृतक के परिजनों की शिकायत के आधार पर आत्महत्या के लिए कथित तौर पर विवश करने से संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया था। अब दूसरे पक्ष ने पुलिस के सामने अपना पक्ष रखते हुए पूरे मामले की सभी पहलुओं से जांच कराने की मांग की है। पुलिस की जांच के बाद ही आरोपों और घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

सुसाइड नोट में नाम बताए गए रोहित की पत्नी संगीता ने आरोप लगाया कि उनके परिवार के खिलाफ झूठा मामला दर्ज करवाया गया है। उनका दावा है कि जिस समय प्रदीप नारा ने आत्महत्या की, उस समय मौके पर कोई सुसाइड नोट मौजूद नहीं था। उनके अनुसार, बाद में सुसाइड नोट सामने आया, जिसकी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।

संगीता ने मामले में किसी बड़ी साजिश की आशंका जताते हुए पुलिस से सुसाइड नोट की सत्यता, उसके सामने आने के समय और उससे जुड़े सभी पहलुओं की जांच करने की मांग की है। हालांकि, उनके द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

गीता ने आरोप लगाया कि एक कथित साजिश के तहत उनके परिवार को मामले में फंसाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने इस संबंध में पूर्व विधायक कृष्ण हुड्डा के बेटे सुरजीत हुड्डा, सतपाल उर्फ बल्लू निवासी खिड़वाली, मुकेश हुड्डा उर्फ बाबा, प्रदीप नारा के जीजा अमित लाठर और देवेंद्र नारा के नाम लिए हैं।

संगीता ने पुलिस से इन सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

एसपी ने पंचायत के प्रतिनिधियों को भरोसा दिलाया कि प्रदीप नारा आत्महत्या मामले की जांच के दौरान किसी भी व्यक्ति को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है।

एसपी के मुताबिक, जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है।

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