पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला AK47 की पहली गोली से ही मर चुके थे। इसके बाद वह थार की सीट पर लुढ़क गए। इसके बाद भी शार्पशूटर्स ताबड़तोड़ गोलियां बरसाते रहे। दिल्ली पुलिस के पकड़े शार्प शूटर्स अंकित सेरसा ने पूछताछ में यह खुलासा किया है।

जब मूसेवाला के शव का पोस्टमार्टम हुआ तो उनकी डेड बॉडी में 7 गोलियां सीधी लगी थी। इनके अलावा गोलियों के 24 निशान भी उनकी शरीर पर मिले। इससे जाहिर है कि मूसेवाला की पूरी बेरहमी से हत्या की गई थी। हत्या के मामले में 3 शार्पशूटर्स प्रियवर्त फौजी, अंकित सेरसा और कशिश उर्फ कुलदीप पकड़े जा चुके हैं। पंजाब के अमृतसर के जगरूप रूपा, मोगा के मनप्रीत मनु कुस्सा और दीपक मुंडी की तलाश की जा रही है।

अंकित सेरसा ने बताया कि वह प्रियवर्त फौजी, कशिश उर्फ कुलदीप और दीपक मुंडी के साथ बोलेरो में था। कोरोला में जगरूप रूपा और मनप्रीत मन्नु कुस्सा था। पहले कोरोला ने मूसेवाला की थार को ओवरटेक किया। थोड़ी देर में वह भी बोलेरो में पहुंच गए। सबसे पहले मनु कुस्सा ने मूसेवाला की थार पर फायरिंग की। जिससे थार के टायर फट गए। इसके बाद उसने ही मूसेवाला को पहली गोली मारी। जगरूप रूपा कोरोला ड्राइव कर रहा था, इसलिए उसे उतरने में समय लगा। मनु के बाद बोलेरो सवार शार्पशूटर्स ने मूसेवाला को गोली मारी।

दिल्ली पुलिस की जांच के मुताबिक अंकित सेरसा ने माना कि उसने ही मूसेवाला के सबसे नजदीक जाकर गोलियां चलाई थी। उसने दोनों हाथ में पिस्टल पकड़कर मूसेवाला पर फायरिंग की। फायरिंग करने के बाद उन्होंने थार के नजदीक जाकर कन्फर्म किया कि मूसेवाला मर चुका है। जिसके बाद वह वहां से भागे। मूसेवाला को जब अस्पताल पहुंचाया गया तो उनकी मौत हो चुकी थी।

मूसेवाला के पिता बलकौर सिंह भी खुलासा कर चुके कि इलेक्शन के वक्त भी 8 बार मूसेवाला की हत्या की कोशिश हुई। कातिलों ने उनसे हाथ तक मिलाया। हालांकि उस वक्त मूसेवाला के पास करीब 10 कमांडों थे, इसलिए उनकी फायरिंग करने की हिम्मत नहीं हुई। इसके बाद सरकार ने सिक्योरिटी घटा उसका प्रचार कर दिया तो अगले ही दिन उनके बेटे मूसेवाला का कत्ल कर दिया गया।

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