पंजाब के सेहत मंत्री डॉ. विजय सिंगला ने चेतावनी देते हुए कहा कि जिस डॉक्टर को प्राइवेट प्रैक्टिस करनी है, वह सरकारी नौकरी छोड़ दे। पटियाला पहुंचे सेहत मंत्री ने कहा कि हम पॉजीटिव तरीके से काम की शुरूआत कर रहे हैं। इसमें पहले सिस्टम सुधारेंगे।

उन्होंने कहा कि डॉक्टर पढ़ी-लिखी जमात है। वह लोगों की सेवा करना चाहते हैं। पहले उस तरह का माहौल नहीं था। उन्हें ऊपर रुपए देने होते थे। सिविल सर्जन, डायरेक्टर और मंत्री को पैसे देने पड़ते थे। अब यह सब बंद हो चुका है। इसलिए अब सब लोगों के लिए सही ढंग से काम करने पर ध्यान दें।

सेहत मंत्री डॉ. विजय सिंगला ने कहा कि पंजाब के 3 करोड़ लोगों के लिए सभी कदम उठाएंगे। लोगों और अस्पतालों की जरूरत के हिसाब से बंदोबस्त किए जाएंगे। अस्पतालों में दवाईयों और लैब का इंतजाम किया जाएगा। यह बात इसलिए अहम है क्योंकि बार-बार यह सवाल उठ रहे थे कि अस्पतालों में कोई प्रबंध नहीं है, इसके उलट आम आदमी पार्टी के नेता और विधायक डॉक्टर और स्टाफ को धमका रहे हैं।

इस दौरान रूस से जंग के बाद यूक्रेन से लौटे करीब 30 स्टूडेंट सेहत मंत्री से मिले। उन्होंने कहा कि उनकी पढ़ाई अधूरी रह गई है। उनके परिवार ने लाखों रुपए खर्च किए हैं। सरकार उन्हें सरकारी या प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में एडजस्ट करे। उन्हें प्रैक्टिकल पढ़ाई का मौका दे ताकि उनका भविष्य बर्बाद न हो।

कुछ दिन पहले फतेहगढ़ चूड़ियां में सरकारी डॉक्टर प्रज्ञा ने नौकरी से इस्तीफा दे दिया था। उनका कहना था कि सरकार के आदेश से उन पर दबाव है। उन्हें सुबह बच्चों को छोड़ने और दोपहर में लाने जाना होता है। ऐसे में थोड़ी देरी हो जाती है। वहीं उन्होंने अस्पतालों में आप वर्करों और नेताओं के डॉक्टरों के साथ व्यवहार को लेकर भी डरने की बात कही थी।

You missed

YouTube
YouTube
Set Youtube Channel ID
WhatsApp
error: Content is protected !!